प्राकृतिक प्रतिरोधक

कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में तबाही मचाने के बाद अब सरकार संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर रही है।

Cowin.gov.in पर एक फोन नंबर से चार लोग करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन। (फोटोः AP/PTI)

कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में तबाही मचाने के बाद अब सरकार संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर रही है। यह अच्छी बात है। लेकिन मुंबई में रहने वाले लोगों के बीच चौरासी फीसद में कोरोना विषाणु से होने वाली बीमारी के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता का पाया जाना न सिर्फ बड़ी राहत की बात है, बल्कि एक शुभ संकेत भी है। अगर वाकई सारे नियमों और दिशानिर्देश के अनुसार तय व्यवहारों का लोगों द्वारा पालन किया जाता है, तो निश्चित रूप से तीसरी लहर को रोकने में हमारा देश कामयाब होगा।
’समराज चौहान, कार्बी आंग्लांग, असम

स्त्री के विरुद्ध

कहने को हमारे देश मे महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है। नवरात्र मे कन्या पूजन कर उन्हें उपहार देने की परंपरा रही है। मगर इसके बरक्स सच यह है कि महिलाओं और मासूम बच्चियों के खिलाफ बर्बर यौन अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रोजाना खबरों में देश के किसी न किसी कोने से इन पर हुए अत्याचार की खबरें सुर्खियों में होती हैं।

समाज के एक विशेष वर्ग को महिलाओं की आजादी, उनका उन्नति के लिए आगे बढ़ना, पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चलना रास नहीं आ रहा है। महिलाओं का मनोबल तोड़ने के लिए मानसिक विकृति और गंदी सोच वाले लोग महिलाओं के खिलाफ अपराध कर रहे हैं। आजकल इंटरनेट पर बहुतायत से उपलब्ध अश्लील सामग्री यौन अपराधों को बढ़ाने मे अपना बड़ा योगदान दे रही हैं। महिलाओं पर होने वाले अपराधों के साथ यौन अपराधों मे होने वाली वृद्धि पर काबू करने के लिए अश्लील प्रचार-सामग्री और साहित्य को नियंत्रित करना समय की मांग है।
’छाया कानूनगो, बंगलुरु, कर्नाटक

उम्मीद की राह

भारत के विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति आय का औसत अलग-अलग पाया जाता है। आर्थिक मानकों के आधार पर यह गणना की जाती है। गणना अपनी जगह है, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर अन्य बहुत-सी बातें हैं जो देश की वित्तीय स्थिति को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो देश में व्यापारिक और नौकरी संबंधी गतिविधियां लगभग सुचारु हो चुकी हैं। आगामी त्योहारी मौसम में इसके और परवान चढ़ने की उम्मीद है। अतिवृष्टि, अनावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण कृषि सेक्टर में उपज का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिसका दुष्प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। देशव्यापी स्तर पर कोरोना से निपटने के उपायों के बाद लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है और संभावनाएं व्यक्त की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव हमारे देश में नहीं के बराबर होगा। इससे देश की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
’ललित महालकरी, इंदौर, मप्र

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