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चौपाल: कुप्रथा के विरुद्ध

मृत्युभोज एक कुप्रथा है जो हमारे समाज में निरंतर चली आ रही है। लेकिन जब तक समाज का हर वर्ग इस पर चिंतन, मनन नहीं करेगा, तब तक यह केवल कागजी कार्रवाई में ही सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में युवाओं द्वारा सोशल वेबसाइटों पर जागरूकता अभियान चला कर जिम्मेदार नागरिक का परिचय दिया जा सकता है।

सामाजिक दुविधा। सांकेतिक फोटो।

मृत्युभोज एक कुप्रथा है जो हमारे समाज में वर्षों से निरंतर चली आ रही है। एक आधुनिक समाज की पहचान इसी में है कि वह समय के साथ-साथ समाज में व्याप्त कुप्रथाओं, कुरीतियों, अंधविश्वासों का दामन छोड़ उनमें आधुनिकता का सरोकार करे। हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा ‘राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम-1960’ के अनुपालन को लेकर सख्त कदम उठाए गए।

लेकिन जब तक समाज का हर वर्ग इस पर स्व चिंतन, मनन नहीं करेगा, तब तक यह केवल कागजी कार्रवाई में ही सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में युवाओं द्वारा सोशल वेबसाइटों पर जागरूकता अभियान चला कर जिम्मेदार नागरिक का परिचय दिया जा सकता है।
’श्रीनिवास पंवार बिश्रोई, बीकानेर, राजस्थान

 कांग्रेस की दिशा

बिहार विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने के बावजूद कांग्रेस को खुद को संभालना जरूरी नहीं लग रहा है। बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रचार तो किया, लेकिन नतीजा सबके सामने है। दूसरी ओर, हैदराबाद निगम चुनावों में भाजपा के शीर्ष नेता गली-गली में प्रचार कर रहे थे, दूसरी ओर कांग्रेस के बड़े नेता इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे।

नतीजा फिर वही। जैसे-जैसे कांग्रेस की कमजोरी जाहिर हो रही है, वैसे-वैसे इसके क८ार्यकर्ताओं में हताशा फैल रही है! कांग्रेस की इस डूबती जहाज को कौन पार लगाएगा, कार्यकर्ता इसका इंतजार कर रहे हैं। केवल आत्मनिरीक्षण और आत्मचिंतन करने से ही कांग्रेस संभल सकती है।
’दत्ता श्रावण खंदारे, धारावी, महाराष्ट्र

शाकाहार से सेहत

चीन में मांस की खपत में कमी और सब्जियां उगाने की खबरें सुर्खियों में आई। कोरोना वायरस के कहर से मौत और संक्रमित की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की खबर ने सबको चिंता में डाला। माना गया कि चीन में मांसाहारी भोजन की वजह से संक्रमण ज्यादा हुआ। शाकाहारी भोजन में स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषण तत्त्व रहते हैं। शाकाहारी भोजन को विदेशों में पसंद किया जाने लगा है।

शाकाहार शरीर और मन मानवीय संवेदनाओं का सही रूप में पहचान करवाता है। प्राचीन समय से ही जीवन शैली में शाकाहारी भोजन स्वस्थ जीवन का प्रतीक माना गया है। मांसाहार की तुलना में शाकाहार सस्ता और सुलभ होता है। शाकाहारी भोजन शीघ्र पच कर बीमारियों को आने से रोकता है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।
’संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर, धार, मप्र

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