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चौपाल: दावानल का दायरा

तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। अंटार्टिका का बर्फ पहले की तुलना और तेज गति से पिघल रहा है। समुद्र धरती को लीलता जा रहा है। क्या जीवन लीला की समाप्ति का सिलसिला इस ग्रह से शुरू हो चुका है?तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। अंटार्टिका का बर्फ पहले की तुलना और तेज गति से पिघल रहा है। समुद्र धरती को लीलता जा रहा है। क्या जीवन लीला की समाप्ति का सिलसिला इस ग्रह से शुरू हो चुका है?

धू-धू कर जल रहे जंगल पर्यावरण के लिए घातक हैं।

क्या हमारा धरती आग के कारण जल कर स्वाहा हो जाएगी? इसी साल हमने देखा आस्ट्रेलिया में लाखों वर्ग किलोमीटर वन जल कर राख हो गया। जानमाल के साथ-साथ करोड़ों की संख्या में जंगली वन्यजीव भी जल कर मर गए। अब वही हाल अमेरिका का हो रहा है। कैलिफोर्निया एवं एरिजोना क्षेत्र का बहुत बड़ा भाग पिछले दो हफ्तों से धू-धू कर जल रहा है।

इंसान, जानवर, पशु-पक्षी अपना जीवन बचाने के लिए बदहवास इधर उधर भाग रहे हैं। इससे पहले हमने दक्षिण अमेरिका का वृहत अमेजन वनों को जलते हुए देखा। जिसके कारण जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए मनुष्यों द्वारा किए जा रहे किंचित प्रयास भी बेमानी साबित होता जा रहा है।

इससे तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। अंटार्टिका का बर्फ पहले की तुलना और तेज गति से पिघल रहा है। समुद्र धरती को लीलता जा रहा है। क्या जीवन लीला की समाप्ति का सिलसिला इस ग्रह से शुरू हो चुका है?
’जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर, झारखंड

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