चौपाल: कचरे के साथ

कभी-कभी तो कचरा बीनने वालों के हाथ-पैरों को भी ये नुकीली चीजें घायल कर देती हैं।

Delhi MCD, Deputy CM Manish sisodia, Arvind Kejriwal, Delhi police commissioner, BS Bassiदिल्‍ली में इन दिनों जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। (फाइल फोटो)

कुछ लोग कूड़े के ढेर में से प्लास्टिक, कांच, धातु और इलेक्ट्रॉनिक कचरा ढूंढ़ने के लिए गली-गली घूमते फिरते हैं। ये लोग बहुत बड़ा सामाजिक कार्य कर रहे हैं। सोचने की बात यह है कि पढ़े-लिखे लोग तो कचरा फेंकते हैं और अनपढ़ लोग सफाई करते हैं। फिर भी हम इन्हें तिरस्कार की नजरों से देखते हैं। यदि ये अनपढ़ लोग कचरा बीनने के लिए गली-गली फिरना बंद कर दें तो खाली प्लॉट कचरे के ढेर में बदल जाएंगे। हमें कचरा फेंकना आता ही नहीं है। खाने की चीजें थैली में पैक करके फेंकते हैं। बेजुबान पशुओं के लिए यह कचरा भोजन का काम करता है। ये थैलियां पशुओं के पेट में चली जाती हैं पर कभी-कभी सुई, ब्लेड और कांच से इन जीवों का मुंह घायल हो जाता है। कभी-कभी तो कचरा बीनने वालों के हाथ-पैरों को भी ये नुकीली चीजें घायल कर देती हैं।  लोगों को इस विषय में जागरूक करने के लिए अखबारों और टीवी पर विज्ञापन दिए जाने चाहिए।
’राज सिंह रेपसवाल, सिद्धार्थ नगर, जयपुर

Next Stories
1 चौपाल: झूठ का सहारा
2 चौपाल: सरासर औपचारिक
3 चौपाल: न्याय को अंगूठा
आज का राशिफल
X