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मानवता की मिसाल

हमें दुख है कि हमारी पीढ़ी ने महात्मा गांधी को नहीं देखा, लेकिन हम आने वाली पीढ़ियों को गर्व से कहेंगे कि हमने डॉ. कलाम को देखा है। डॉ अब्दुल कलाम एक राष्ट्रपति, वैज्ञानिक या प्रोफेसर ही नहीं..

Author नई दिल्ली | August 31, 2015 3:00 PM

हमें दुख है कि हमारी पीढ़ी ने महात्मा गांधी को नहीं देखा, लेकिन हम आने वाली पीढ़ियों को गर्व से कहेंगे कि हमने डॉ. कलाम को देखा है। डॉ अब्दुल कलाम एक राष्ट्रपति, वैज्ञानिक या प्रोफेसर ही नहीं, वे इन सब से कहीं अधिक थे। वे उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा थे जिनके छत आसमान के होते हैं और सपने सिकंदर के।

डॉ कलाम ने हमेशा देश का भला सोचा और अपने कर्म और विचारों से एक ‘विकसित भारत’ बनाने की चेतना जागृत की। उन्होंने अपने संबोधन में हमेशा युवाओं का आह्वान किया। उनका मानना था कि ‘प्रज्वलित युवा मस्तिष्क प्रबल संसाधन होते हैं। धरती के ऊपर, आकाश में और जल के नीचे छिपे किसी भी संसाधन से यह संसाधन कहीं अधिक शक्तिशाली है।’

डॉ. कलाम पूरी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक थे। इतिहास में कम ही ऐसे महापुरुष होते हैं जिन्हें लोग जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र, और वर्ग की सीमाओं से परे उठ कर प्यार और सम्मान देते हैं। डॉ. कलाम उन महापुरुषों में से एक थे। अब कलाम केवल एक नाम नहीं होगा, कलाम एक पैमाना होगा कामयाबी का, कलाम एक पैमाना होगा आत्म-अनुशासन का और कलाम एक पैमाना होगा संकल्प का।
संतोष कुमार, दिल्ली विवि, दिल्ली

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