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चौपाल: प्रियंका से उम्मीदें

जिस तरह कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि देख रहे हैं तो यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वे अपनी दादी इंदिरा गांधी जैसा करिश्मा कर पाएंगी।

Author February 14, 2019 6:00 AM
एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। (पीटीआई फोटो)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस अब बैकफुट पर नहीं फ्रंटफुट पर खेलेगी। यह बात प्रियंका गांधी के कांग्रेस महासचिव बनने के बाद उनके पहले लखनऊ दौरे में देखने को भी मिली है। अब बात यह है कि क्या लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी कांग्रेंस का कायापलट कर पाएंगी? जिस तरह कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि देख रहे हैं तो यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वे अपनी दादी इंदिरा गांधी जैसा करिश्मा कर पाएंगी।
अनुपम सिंह, नोएडा

आबादी की समस्या: भारत का हर कोना, हर नुक्कड़ ज्यादा आबादी होने का जीता-जागता उदाहरण है। 1951 में प्रथम जनगणना के अनुसार भारत की आबादी पैंतीस करोड़ थी, और 2011 तक यह आबादी बढ़ कर एक सौ इक्कीस करोड़ तक पहुंच गई। भारत की बढ़ती आबादी रोजगार एवं जल संकट जैसी कई अन्य गंभीर समस्याओं को जन्म दे रही है। ऐसा नहीं है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए नीतियां नहीं बनाई गई। सन 1976 और 2000 में राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या नियंत्रण नीतियां बनाई गई थी, लेकिन ये नीतियां लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहीं। हालांकि गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, राजस्थान और हरियाणा में ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ जैसी नीतियां लागू हैं, लेकिन इनके अपेक्षित परिणाम नजर नहीं आ रहे। नीति निर्माताओं को सशक्त जनसंख्या नीति बनाने के लिए पहल करनी चाहिए, जिससे आर्थिक विकास दर का बढ़ती आबादी की मांग के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
वीर सिंह, कुठौंद (जालौन)

हादसा और सवाल: दिल्ली के करोलबाग में स्थित एक होटल में लगी आग के कारण कई लोग मौत के मुंह चले गए। आग लगने की वजह का अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है। हालांकि आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट ही मानी जा रही है जो कि अभी तक पूरी तरह सही नहीं मानी जा सकती। इस दर्दनाक घटना ने प्रशासन व होटल संचालकों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाहियों की पोल खोल दी है। इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जैसे- क्या होटल संचालक को चार मंजिल से ऊपर इमारत बनाने से मना करने पर भी अवैध रूप से निर्माण करके काम करना सही है? इतने बड़े होटल में प्रशासन के कई बार चेताने पर भी कोई अग्निशामक यंत्र या सुरक्षा के उचित साधन न रखना क्या अपराध नहीं है? इससे पहले भी ऐसी कई दर्दनाक घटनाएं होती रही हैं और सरकारें इनको रोकने में आज तक नाकाम साबित हुई हैं। इसलिए सरकार सिर्फ होटल संचालकों को ही दोषी ठहरा कर अपने आप को इस घटना से दूर नहीं रख सकती, क्योंकि जब तक समय-समय पर प्रशासन के लोग ध्यान नहीं देंगे और इन पर कार्रवाई नहीं करेंगे तब तक इन्हें रोकना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन ही होगा ।
प्रदीप कुमार सारण, बीकानेर

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