ताज़ा खबर
 

सच से सामना

ईरान अमेरिका परमाणु समझौते ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ विश्व आर्थिक व्यवस्था को नई हवा दी है। विश्व आर्थिक व्यवस्था तेल और गैस के इर्दगिर्द घूमती रही है। यह समझौता मायने इसलिए रखता है, क्योंकि मध्य पूर्व में दुनिया के दो तिहाई तेल भंडार हैं। इस समझौते के बाद ईरान से आर्थिक प्रतिबंध तो हटेंगे। […]

Author July 23, 2015 1:44 PM

ईरान अमेरिका परमाणु समझौते ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ विश्व आर्थिक व्यवस्था को नई हवा दी है। विश्व आर्थिक व्यवस्था तेल और गैस के इर्दगिर्द घूमती रही है। यह समझौता मायने इसलिए रखता है, क्योंकि मध्य पूर्व में दुनिया के दो तिहाई तेल भंडार हैं। इस समझौते के बाद ईरान से आर्थिक प्रतिबंध तो हटेंगे। साथ ही साथ वह अन्य देशों के साथ मनमुताबिक व्यापार भी कर सकेगा। अगले छह महीने के अंदर ईरान का निर्यात दोगुना बढ़ जाएगा, वह करीब तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल जो कि कुओं से निकाला जा चुका है, उसका निर्यात करेगा। जिसका फायदा विश्व पटल के साथ उसकी अर्थव्यवस्था को होगा। दूसरी ओर इस समझौते में ईरान परमाणु संबंधित कार्यक्रमों को सीमित करने की बात भी कर रहा है, लेकिन यह तो आने वाला कल ही बताएगा कि ईरान अपने वादे पर कितना खरा उतरता है?

समय के साथ समझौता करने से भारत को अपनी कूटनीति के तहत ईरान के खिलाफ आइएइए में वोट करना पड़ा। और ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध प्रगाढ़ नहीं हो पाए। हालांकि आर्थिक प्रतिबंध के चलते ईरान ने भारत से भुगतान के चलते तेल की कीमत डॉलर के बजाय रुपए में ही ली। इस समय भारत के सामरिक हित ईरान और अमेरिका से जुड़े हुए हंै। अमेरिका और ईरान के बढ़ते संबंधों से निश्चित ही भारत की दोस्ती पर असर पड़ेगा। ईरान भारत को इतनी तवज्जो नहीं देगा जितनी पहले देता रहा है।

जबकि ईरान पाकिस्तान और भारत गैस पाइपलाइन, जो सत्रह सौ मील लंबी है अमेरिका की वजह से ठंडे बस्ते में पड़ी है। दूसरी ओर ईरान में नई-नई तेल कंपनियां निवेश करेंगी तो भारत को प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजरना पड़ सकता है। और भारत को संतुलित राजनीति के छोर को पकड़े रहने की चुनौती होगी, जहां एक ओर भारत के लिए ईरान है तो दूसरी ओर इजराइल और सऊदी अरब हैं जिनकी ओर भारत ने दिलचस्पी दिखाई है। लेकिन प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत के रुख पर सबकी निगाहें टिकी होंगी।
ब्रजकिशोर, आगरा

फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/Jansatta

ट्विटर पेज पर फॉलो करने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/Jansatta

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App