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चौपाल: काम का समय

जनता को इन समस्याओं से बचाने के लिए यह जरूरी है कि सड़क निर्माण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यों की समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना सुनिश्चित किया जाए। सड़क निर्माण ने दौरान पर्यावरण के नुकसान और दुर्घटना के शिकार होने वाले लोगों के मुआवजे के विषय में निर्माण एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

Author February 26, 2018 3:48 AM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

अक्सर देखा जाता है कि कई विकास संबंधी निर्माण कार्य प्रारंभ तो कर दिए जाते हैं, पर तय समय सीमा में पूरे नहीं किए जाते हैं। इस वजह से जनता को लंबे समय तक सुविधाओं से वंचित रहने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में से एक सड़क निर्माण है, जिसके तय समय में पूरा नहीं हो पाने के कारण संबंधित क्षेत्र के निवासी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। जहां वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होते हैं, वहां नई सड़क का निर्माण या फिर मौजूदा सड़क के चौड़ीकरण के दौरान निर्माण सामग्री के यत्र-तत्र फैलाव होने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कार्य के लिए निर्धारित समय-सीमा के आगे तक चलने से समस्या गहराती जाती है। राहगीरों के आए दिन दुर्घटना के शिकार होने की घटनाएं सामने आती हैं। इससे उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संताप झेलना पड़ता है।

घटनाओं में लोगों की जान तक चली जाती है। चेतावनी के बोर्ड नहीं लगाए जाने से दुर्घटनाओं के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है। वैकल्पिक मार्ग की उपलब्धता और उसके लंबे समय तक मजबूरन उपयोग से जैव र्इंधन का अतिरिक्त नाश अनावश्यक रूप से होता है जो वाहन मालिक सहित पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिए सभी प्रकार से नुकसानदेह होता है। निर्माण कार्य के दौरान उड़ रहे धूल स्थानीय लोगों में सांस संबंधित रोग के मामले बढ़ जाते हैं। कई बार देखा जाता है कि निर्माण में लेट-लतीफी से आजिज आकर स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतर जाते हैं, जिससे कई बार कानून-व्यवस्था बिगड़ने की नौबत आ जाती है। हालात संभालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ जाती है। ऐसा अमूमन शहरी क्षेत्र में देखा जाता है, जबकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले लोगों के पास अनिश्चित इंतजार का विकल्प ही शेष रहता है।

जनता को इन समस्याओं से बचाने के लिए यह जरूरी है कि सड़क निर्माण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यों की समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना सुनिश्चित किया जाए। सड़क निर्माण ने दौरान पर्यावरण के नुकसान और दुर्घटना के शिकार होने वाले लोगों के मुआवजे के विषय में निर्माण एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। देरी करने वाले ठेकेदारों को काली सूची में डालने के बारे में गंभीरता से विचार करके ठोस निर्णय लेना होगा। सड़क और अधोसंरचना विकास संबंधित निर्माण कार्यों के समय से पूरा होने पर देश के विकास को गति मिल पाएगी।

’ऋषभ देव पांडेय, जशपुर, छत्तीसगढ़

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