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चौपाल: घर से काम

सरकार इस दिशा में प्रयास करे तो लाखों महिलाओं को फायदा होगा और देश के राजस्व में बढ़ोतरी भी होगी। एक अलग पोर्टल की शुरुआत की जा सकती है जो पढ़ी-लिखी महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराए। इससे महिलाओं को अपनी घरेलू जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ कुछ करने का मौका मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

Author July 7, 2018 3:35 AM
कुछ ऑनलाइन कंपनियां इसमें ठगी भी कर रही हैं। वे काम कराने के बाद भी भुगतान में आनाकानी कर रही हैं।

जब से देश में शिक्षा का प्रसार बढ़ा है, शिक्षित महिलाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। आज महिलाएं देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, पर यह कहना गलत नहीं होगा कि शादी के बाद उनकी उड़ान पर रोक लग जाती है। ऐसी महिलाओं की कमी नहीं है जो शादी से पहले तो नौकरी करती थीं पर शादी के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते नौकरी नहीं कर पा रही हैं। उनके लिए संभव नहीं हो पाता कि सुबह नौ से शाम पांच बजे की नौकरी कर पाएं। यह स्थिति हताश करने वाली है। ऐसे में उनके पास एक विकल्प है कि वे घर से ही कुछ काम करें, जिसे ‘वर्क फ्रॉम होम’ कहा जाता है। मगर बहुत कम संस्थान ऐसे हैं जो यह सहूलियत देते हैं। देश में लाखों महिलाएं ऐसी हैं जो कुछ करना चाहती हैं लेकिन ऐसी कोई सुविधा उन्हें उपलब्ध नहीं है। सरकार ने डिजिटल इंडिया योजना शुरू तो की मगर वह ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। कुछ आॅनलाइन कंपनियां इसमें ठगी भी कर रही हैं। वे काम कराने के बाद भी भुगतान में आनाकानी कर रही हैं।

सरकार इस दिशा में प्रयास करे तो लाखों महिलाओं को फायदा होगा और देश के राजस्व में बढ़ोतरी भी होगी। एक अलग पोर्टल की शुरुआत की जा सकती है जो पढ़ी-लिखी महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराए। इससे महिलाओं को अपनी घरेलू जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ कुछ करने का मौका मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। हाल में कुछ सर्वे हुए हैं जिनमें भारतीय गृहणियों में निराशा का प्रतिशत बहुत अधिक पाया गया है। यह उनकी मन:स्थिति को बयान करता है। पढ़ी-लिखी और सक्षम होने के बावजूद वे कुछ नहीं कर पातीं। यह परिस्थिति उन्हें और अधिक तनावग्रस्त बना देती है। हमारे देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि एक गृहणी, जो सबसे ज्यादा काम करती है, उसके काम को कोई तवज्जो नहीं दी जाती है। उम्मीद है, सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार करेगी। इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ समाज में उनकी हालत में सुधार भी होगा। यह महिलाओं के हित में एक क्रांतिकारी कदम होगा।
’शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल

अफवाहों से परहेज
केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को चेतावनी दी है कि वह अफवाहें फैलाने वाली खबरों, वीडियो और तस्वीरों पर लगाम लगाने के लिए गंभीरता दिखाए। सरकार की चेतावनी के बाद व्हाट्सएप ने इसके लिए जरूरी कदम भी उठाए हैं। लेकिन सरकार को चाहिए कि वह सोशल साइट्स पर जो लोग अफवाहें फैलाते हैं, उनके लिए भी कठोर सजा का प्रावधान करे, ताकि कोई अफवाह किसी की जान की दुश्मन न बने या देश के किसी कोने की शांति भंग न करे। यह बात सच है कि हम सब आजाद देश के नागरिक हैं लेकिन आजादी का यह मतलब नहीं कि हमारे दिल में जो भी आया या फिर किसी की भावनाओं की कद्र नहीं की और सोशल साइट पर कुछ भी आपत्तिजनक लिख दिया। हम सबको चाहिए कि सोशल साइटों पर कोई ऐसा काम न करें जिससे सरकार को मजबूर होकर इन पर प्रतिबंध लगाना पड़ जाए। ऐसा कुछ देशों में हो भी चुका है। सोशल साइटों पर वही लिखना चाहिए जिससे देश में प्यार, भाईचारा और एकता की भावना बढ़े न कि ऐसा जिससे दूसरों की भावनाओं को ठेस लगे और देश में किसी प्रकार की अशांति फैले।
’राजेश कुमार चौहान, जालंधर

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