ताज़ा खबर
 

चौपाल: पूर्वोत्तर के साथ

इन राज्यों के लिए ‘ग्रांट इन ऐड’ में केवल 190 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क के लिए हवाई पट्टियों के सुधार और विस्तार की एक बड़ी योजना है फिर भी इस मद में आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा जम्मू कश्मीर (कारगिल क्षेत्र) में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टियों के विस्तार पर खर्च होगा।

Author March 7, 2018 3:50 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति सराहनीय है क्योंकि इससे बढ़ते हुए चीनी खतरे के मद्देनजर आसियान देशों से संबंधों की प्रगाढ़ता के कारण सांस्कृतिक और सामरिक रिश्तों में मजबूती आएगी। लेकिन ताजा बजट में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से आसियान देशों की घनिष्ठता अच्छी तरह प्रकट नहीं होती। उदाहरण के लिए, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के बजट में 2018-19 के लिए केवल 230 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है। वाजपेयी सरकार के समय उत्तर-पूर्व को मुख्यधारा में लाने और इस क्षेत्र के विकास के लिए अलग से मंत्रालय बनाया गया था। इन राज्यों के लिए ‘ग्रांट इन ऐड’ में केवल 190 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क के लिए हवाई पट्टियों के सुधार और विस्तार की एक बड़ी योजना है फिर भी इस मद में आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा जम्मू कश्मीर (कारगिल क्षेत्र) में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टियों के विस्तार पर खर्च होगा। नागरिक उड्डयन को लेकर जिन 50 हवाई पट्टियों के विस्तार की बात है वे भी भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सामरिक महत्त्व को देखते हुए चुने गए हैं। ‘उड़े आम नागरिक’ योजना के अंतर्गत उत्तर पूर्व राज्यों को अभी बहुत कुछ नहीं मिला है और इनके बीच परस्पर आवागमन और प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। हो सके तो अगरतला और शिलांग से ढाका होते हुए कोलकाता तक के सफर को छोटा किया जा सकता है। इन आठ राज्यों में आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी संभावना है।

HOT DEALS
  • Apple iPhone 6 32 GB Space Grey
    ₹ 24890 MRP ₹ 30780 -19%
    ₹3750 Cashback
  • Lenovo Phab 2 Plus 32GB Champagne Gold
    ₹ 17999 MRP ₹ 17999 -0%
    ₹900 Cashback

दिल्ली में बैठे कर्णधार यदि स्थानीय स्थिति से परिचित हों तो वे बांस उद्योग के विकास पर ध्यान दे सकते हैं। राष्ट्रीय बांस मिशन के बारे में हम कम ही जानते हैं। पिछले दिनों गुवाहाटी में हुए विश्व निवेशक सम्मेलन में ऐसा लगा कि हमारा ज्यादा ध्यान असम और गुवाहाटी पर है। यदि हम चाहते हैं कि आसियान देशों से संबंध गहरे हों तो उत्तर-पूर्व के बाकी सात राज्यों मेघालय, मणिपुर, नगालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और त्रिपुरा से इन देशों के संबंधों को प्रगाढ़ करना होगा क्योंकि नस्लीय दृष्टि से ये राज्य इन देशों के निकट हैं।
’लक्ष्मी नारायण मित्तल, मुरैना, मध्यप्रदेश

आप का रास्ता
आम आदमी पार्टी का राजनीति में पदार्पण इस दावे के साथ हुआ था कि उसके नेताओं का व्यवहार और आचरण आम आदमी की तरह होगा। लेकिन कालांतर ने इस पार्टी का स्वभाव बदल दिया। आश्चर्य की बात है कि एक प्रशासनिक अधिकारी को रात बारह बजे तलब करके उसके साथ मारपीट जैसा घिनौना अपराध किया जाता है, वह भी ऐसे मुख्यमंत्री के सामने जो नैतिकता की बात करता रहा है। ऐसा व्यवहार निंदनीय है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वादा किया था, लेकिन सत्तासीन होने के बाद से इस पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ नहीं किया। अन्य दलों की तरह यह भी उसी लीक को पकड़ कर चलना मुनासिब समझ रही है, जिस पर अन्य पार्टियां चलती हैं। आम आदमी पार्टी को अपने बताये रास्ते पर चल कर ही राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए न कि अमर्यादित रास्ते पर चल कर।
’अमनप्रीत कौर, पीयू, चंडीगढ़

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App