ताज़ा खबर
 

चौपाल: जिन्ना के अलावा

एएमयू के संग्रहालय में अनेक ऐतिहासिक महत्त्व की वस्तुएं हैं। इनमें सर सैयद अहमद का सत्ताईस देव प्रतिमाओं का वह संग्रह भी है जो उन्होंने अलग-अलग स्थानों का भ्रमण कर जुटाई थीं। इनमें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर का स्तूप और स्तूप के चारों ओर आदिनाथ की तेईस प्रतिमाएं शामिल हैं।

Author May 11, 2018 4:28 AM
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी। (express photo by gajendra yadav)

अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में जिन्ना की तस्वीर को लेकर जारी विरोध के बीच यह भी जानना जरूरी है कि वहां क्या-क्या और भी मौजूद है। एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में 13.50 लाख पुस्तकों के साथ तमाम दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं। सन 1877 में स्थापित इस लाइब्रेरी में अकबर के दरबारी फैजी द्वारा फारसी में अनुवादित गीता है। 400 साल पुरानी फारसी में अनुवादित महाभारत की पांडुलिपि है। तमिल भाषा में लिखे भोजपत्र हैं। कई शानदार पेटिंग और भित्ति चित्र हैं जिनमें तमाम हिंदू देवी-देवता शामिल हैं।

एएमयू के संग्रहालय में अनेक ऐतिहासिक महत्त्व की वस्तुएं हैं। इनमें सर सैयद अहमद का सत्ताईस देव प्रतिमाओं का वह संग्रह भी है जो उन्होंने अलग-अलग स्थानों का भ्रमण कर जुटाई थीं। इनमें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर का स्तूप और स्तूप के चारों ओर आदिनाथ की तेईस प्रतिमाएं शामिल हैं। सुनहरे पत्थर से बने खंभे में कंकरीट की सात देव प्रतिमाएं हैं। एटा और फतेहपुर सीकरी से खोजे गए बर्तन, पत्थर और लोहे के हथियार हैं। शेष शैया पर लेटे भगवान विष्णु और कंकरीट के सूर्यदेव हैं।

महाभारत काल की भी कई चीजें हैं। यहां तक कि डायनासोर के अवशेष भी हैं। मगर इन सबसे इस्लाम खतरे में नहीं आएगा! बस आप अपने जहन का जहर और धुंध हटाकर देखिए। दरअसल, अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में इन सब चीजों को हिंदू-मुसलिम नजरिये या मजहबी तौर पर नहीं देखा जाता बल्कि हिंदुस्तान के इतिहास के तौर पर देखा जाता है और जिसे यह विश्वविद्यालय हमेशा के लिए संजोए रखना चाहता है।
’मो ताबिश, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App