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चौपाल: हार का सबक

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला, तीन मैचों की 20-20 शृंखला और पांच मैचों की टैस्ट शृंखला खेलनी थी। दौरे की शुरुआत एकदिवसीय शृंखला से हुई थी। तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में हमें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।

Author Published on: September 15, 2018 5:46 AM
भारतीय टीम। (फोटो सोर्स- ट्विटर)

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री का मानना है कि वर्तमान भारतीय टीम पिछले 10-15 सालों की सर्वश्रेष्ठ टीम है। लेकिन भारत का इंग्लैंड दौरा काफी खराब और निराशाजनक रहा। विदेशी धरती पर अपने पुरखों से मिली हार की विरासत को भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड में भी नहीं तोड़ पाई और विदेशों में हारने की परंपरा को कायम रखने में सफल रही। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला, तीन मैचों की 20-20 शृंखला और पांच मैचों की टैस्ट शृंखला खेलनी थी। दौरे की शुरुआत एकदिवसीय शृंखला से हुई थी। तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में हमें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि भारतीय टीम अपनी हार का क्रम टी-20 शृंखला में तोड़ने में सफल रही और इस शृंखला को 2-1 से जीतने में सफल रही। टी-20 जीत के बाद उम्मीद जगी थी कि दुनिया की नंबर एक टीम दुनिया की नंबर 5 टीम को उसके घर में परास्त करने में सफल रहेगी, लेकिन भारतीय समर्थकों के अरमानों पर भारतीय टीम के बल्लेबाजों, गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों ने मिलकर पानी फेर दिया।

भारतीय टीम के टैस्ट मैच हारने का क्रम एजबेस्टन से शुरू हुआ जो ओवल में जाकर समाप्त हुआ। पहले टैस्ट में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद खराब बल्लेबाजी के कारण एजबेस्टन टैस्ट में भारत को 31 रन के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा। ऐतिहासिक लार्ड्स क्रिकेट मैदान पर भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों बेरंग नजर आए जिसका परिणाम भारतीय टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ा। लगातार दो हार झेलने के बाद तीसरे टैस्ट मैच में भारतीय टीम ने शानदार पलटवार किया और ट्रेंटब्रिज टैस्ट में इंग्लैंड को 203 रनों के भारी अंतर से हराने में सफल रही। लेकिन साउथम्पस्टन के चौथे टैस्ट मैच में एक बार फिर खराब बल्लेबाजी भारतीय समर्थकों की मायूसी का कारण बनी। शृंखला और इंग्लैंड दौरे का अंतिम टैस्ट मैच ओवल में खेला जाना था।

पूरे देश को उम्मीद थी कि भारत सांत्वना जीत के साथ इंग्लैंड दौरे का अंत करेगा। लेकिन इस बार गेंदबाज लय में नजर नहीं आए एवं अपनी बलखाती गेंदों से इंग्लैंड के बल्लेबाजों में खौफ पैदा करने में असफल रहे। परिणामस्वरूप केएल राहुल और रिषभ पंत की शतकीय पारी के बावजूद भारतीय टीम 118 रनों से मैच हार गई। ओवल की हार के साथ ही भारतीय टीम 1-4 के भारी अंतर से पांच मैचों की टैस्ट शृंखला भी हार गई। पूरी टैस्ट शृंखला में कभी ऐसा लगा ही नहीं कि विश्व की नंबर एक टैस्ट टीम दुनिया की नंबर पांच टैस्ट टीम से खेल रही है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी एवं क्षेत्ररक्षण तीनों में इंग्लिश टीम की अपेक्षा भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। एक विराट कोहली को छोड़ दिया जाए तो लग रहा कि शेष बल्लेबाज इंग्लैंड दौरे पर दर्शक बन कर गए हैं। भारतीय टीम को इंग्लैंड की कड़वी यादें भूल कर एशिया कप में अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करना होगा। एशिया कप के बाद भारतीय टीम को विश्व विजेता आस्ट्रेलिया और छुपा रुस्तम वेस्टइंडीज जैसी टीमों की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। 2019 के विश्वकप से पहले भारतीय टीम का आस्ट्रेलिया दौरा विश्व कप की तैयारी के लिहाज से काफी महत्त्वपूर्ण साबित होगा। इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि भारतीय टीम एक बार फिर अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप दमदार प्रदर्शन करेगी और प्रशंसकों को फिर खुशी से झूमने का अवसर उपलब्ध कराएगी।
’कुंदन कुमार, बीएचयू, वाराणसी

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