ताज़ा खबर
 

चौपाल: किसके लिए काम

शिक्षा का स्तर सुधारने से बहुत सारी समस्या का हल हो सकता है। क्या स्मारक, मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि के पीछे इस तरह अरबों रुपए बर्बाद करना समझदारी है? हम अपने पीछे अपने बच्चों को लिए क्या छोड़ कर जा रहे हैं- अशिक्षा, बेरोजगारी, प्रदूषण, बेतरतीब बढ़ती जनसंख्या।

Author November 5, 2018 3:43 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फाइल)

किसके लिए काम
आज हमारे देश में गरीबी, बीमारी, अशिक्षा, प्रदूषण और जनसंख्या सब बेतरतीब बढ़ती जा रही है। सरकारी स्कूल में न तो अच्छे टीचर हैं, न स्कूल का मैन्युअल पढ़ने लायक है। शिक्षकों को क्यों नहीं वह सब सुविधाएं दी जाएं, जिससे कि अधिक से अधिक अच्छे टीचर सरकारी स्कूल में नियुक्त हों और कमजोर तबकों को अच्छी शिक्षा मिले। शिक्षा का स्तर सुधारने से बहुत सारी समस्या का हल हो सकता है। क्या स्मारक, मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि के पीछे इस तरह अरबों रुपए बर्बाद करना समझदारी है? हम अपने पीछे अपने बच्चों को लिए क्या छोड़ कर जा रहे हैं- अशिक्षा, बेरोजगारी, प्रदूषण, बेतरतीब बढ़ती जनसंख्या। इंसान को काम करने के लिए शिक्षा के बुनियादी स्तर को सुधारना होगा। इसके लिए पहले की तरह अच्छे से अच्छे टीचर की जरूरत है।
’ऋचा, मुंबई

अभाव की मुश्किल
हर कुछ दिन पर रसोई गैस के सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी हो रही है जो हमारे लिए यह चिंता का विषय बन गया है। गरीब जनता इस तरह की वृद्धि से त्रस्त हो गई है, जिसका भार उनकी जेब पर पड़ रहा है। इससे जनता की भर पेट भोजन करने की आजादी छिनती दिख रही है। मगर सरकार की नींद नहीं खुल रही है। सरकार को जनता के जीवन के लिए जरूरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वह अपने जीवन को सरल और बेहतर तरीके से जी सके। कोई स्टैच्यू बनवाने के बजाय जरूरी चीजों को कम दामों पर उपलब्ध कराना चाहिए। इन मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए, अन्यथा इसके परिणाम जनता के लिए और राजनीतिक रूप से हानिकारक साबित हो सकते हैं।
’आशीष करोतिया, दिल्ली विवि

डेंगू का डंक
डेंगू की चपेट में आए बहुत से लोग अनजाने में इसके लक्षण पहचानने में काफी देरी कर दे रहे हैं, जिसकी वजह से यह बुखार गंभीर हो जाता है। डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होती है। वयस्कों के मुकाबले बच्चे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ स्थितियों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो रही है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाते हैं, जिसके कारण तेज बुखार और सिर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डेंगू होने पर मरीज के खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटती है और कई बार जान भी खतरे में पड़ जाती है। डेंगू के मच्छर हमेशा साफ पानी में पनपते हैं, जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, घड़ों और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलों में जमा पानी आदि। वहीं मलेरिया के मच्छर हमेशा गंदे पानी में पैदा होते है। डेंगू के मच्छर हमेशा दिन में काटते हैं। हमें इस प्रकार के मच्छरों से बचने के लिए ‘मास्कीटो रिपेलेंट’ का प्रयोग जरूर करना चाहिए। अपने घर, बच्चों के स्कूल और आॅफिस की साफ-सफाई पर भी नजर रखना चाहिए। सरकार को भी इसके निदान के लिए गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
’भरत यादव, बीएचयू, वाराणसी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App