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चौपालः आभासी रास्ता

सोशल मीडिया ज्यादा खतरनाक साबित होता जा रहा है, क्योंकि इसके इस्तेमाल पर कोई बंदिश नहीं है। ज्यादा से ज्यादा लोग सोशल मीडिया से नॉलेज के लिए जुड़ते हैं, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो, मगर इसी का फायदा उठा कर कई लोग झूठी खबरों और तथ्यों का उपयोग करते हैं, जिसका असर पाठकों और यूसुफ पर प्रभावित रूप से पड़ता है।

यमुना का पानी साठ प्रतिशत तक साफ हो गया है।

सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां हम अपने विचार पूरी स्वतंत्रता के साथ रख सकते हैं। अपनी बात एक जनसमूह तक पहुंचा सकते हैं, जागरूकता फैला सकते हैं। लेकिन इस बदलते दौर में इसका अर्थ बदलता जा रहा है और इससे सर्वाधिक प्रभावित है हमारी युवा पीढ़ी। जिस तरह से हर पहलू के दो सिक्के होते हैं, उसी तरह सोशल मीडिया का भी दो पक्ष है- सकारात्मक और नकारात्मक। मगर स्वभाव के अनुसार इंसान गलत और बुरी चीजों की तरफ अत्यधिक अग्रसर होते हैं, क्योंकि गलत रास्ता रोचक, लुभावना, आसान और मनोरंजक होता है, जिसके वश में आना कोई बड़ी बात नहीं होता। कई बार अभिभावक की कड़ी निगरानी में होते हुए भी बच्चे बहुत कुछ अन्यथा कर गुजरते हैं, जिसके परिणामस्वरूप भुगतान बच्चे को आजीवन भरना पड़ता है और उसका भविष्य अंधकार में पड़ जाता है। दूसरी ओर सोशल मीडिया ज्यादा खतरनाक साबित होता जा रहा है, क्योंकि इसके इस्तेमाल पर कोई बंदिश नहीं है। ज्यादा से ज्यादा लोग सोशल मीडिया से नॉलेज के लिए जुड़ते हैं, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो, मगर इसी का फायदा उठा कर कई लोग झूठी खबरों और तथ्यों का उपयोग करते हैं, जिसका असर पाठकों और यूसुफ पर प्रभावित रूप से पड़ता है। उपयोग चाहे किसी चीज का हो, अगर जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो वह हानिकारक बन जाता है। आज के युवा देश के भविष्य हैैं। ऐसे में जरूरी है कि वह हर कदम सोच-समझ कर उठाएं और किसी लुभावने झांसे से बचें।
’अनिल कुमार, औरंगाबाद, बिहार

सावधानी बेहतर
वुहान शहर से उत्पन्न वायरस पर चीन ने ‘प्रीकॉशन एंड क्योर’ की नीति अपनाते हुए इसे फैलने से रोका। लेकिन आए दिन वायरस का प्रभाव विदेशों में देखा जा रहा है और भारत भी करीब ढाई दर्जन मामलों के साथ इसकी जद में आ चुका है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जनता से अपील कर होली मिलन समारोह से दूर रहने की हिदायत दी है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के आदिवासी जिले आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार में भगोरिया मेला चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद होते हैं और यह चार दिन और चलेगा। अगर संक्रामक व्यक्ति या वायरस वहां पहुंच गया तो स्वास्थ्य संबंधी खतरा बहुत अधिक बढ़ जाएगा। इसलिए मध्यप्रदेश सरकार को इस संबंध मे जानकारी और जागरूकता अभियान चलाने और ठोस उपाय करने की आवश्यकता है।
’संजय रावत

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