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साजिश और संशय

शक पैदा होता है कि कहीं यह एक बड़ी साजिश तो नहीं? ये लड़कियां खुद भागीं या इन्हें भगाया गया? हालांकि लड़कियां मिल गई हैं लेकिन इन सब बातों की जांच होनी ही चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

Author February 26, 2019 4:24 AM
बिहार- शेल्टर होम से 7 लड़किया गायब फोटो सोर्स- ANI

बिहार के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड में नया मोड़ आ गया है। मोकामा भेजी गई लड़कियों में से सात के गायब होने की घटना संशय पैदा करने वाली है। आखिर ये लड़कियां क्यों भागी? ग्रिल काटने वाला हथियार कहां से आया? सात लड़कियों में से चार मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड गवाह हैं। इससे शक पैदा होता है कि कहीं यह एक बड़ी साजिश तो नहीं? ये लड़कियां खुद भागीं या इन्हें भगाया गया? हालांकि लड़कियां मिल गई हैं लेकिन इन सब बातों की जांच होनी ही चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
’जफर अहमद, रामपुर डेहरू, बिहार

बल्ले से जवाब
पुलवामा में आतंकी हमले के बाद अब हर तरफ से पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग की जा रही है जो कि जायज है। सरकार का भी इस मसले पर सख्त रुख देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान को अनेक तरह से घेरे जाने की नीतियां बनाई जा रही हैं। इस मसले पर तमाम बुद्धिजीवी अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोगों ने विश्व कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेलने का समर्थन किया है। हालांकि कुछ लोग उसके साथ क्रिकेट खेलने का समर्थन भी कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि मैच न खेलने से दुश्मन देश का ही फायदा होगा।

पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है लेकिन क्या महज क्रिकेट न खेलकर से उसे सबक सिखाया जा सकता है? विश्व कप का आयोजन आईसीसी द्वारा कराया जाता है और अगर भारत पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने से इनकार करता है तो आईसीसी भारतीय टीम पर प्रतिबंध लगा सकती है। साथ ही चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को इसका फायदा होगा और उसे दो अंक मिलेंगे। इसलिए भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होना चाहिए और पाकिस्तान को क्रिकेट की पिच पर बल्ले के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। दुश्मन देश के साथ क्रिकेट खेलना अच्छा नहीं लगता लेकिन इसस अगर उसे थोड़ा भी फायदा होता है तो यह हमारे लिए अच्छा कैसे है?
’सलीम जावेद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली

महिला आइपीएल
आइपीएल को भारत में महज क्रिकेट टूनार्मेंट नहीं बल्कि एक त्योहार जैसा समझा जाता है। इस खेल में महिलाओं ने भी अपनी क्षमता और काबिलियत दर्शाई है। इसके मद्देनजर इस साल महिला आइपीएल का छोटा टूर्नामेंट कराने पर विचार किया जा रहा है। इसमें तीन टीमें खेल सकती हैं। पिछले साल आइपीएल के दौरान भी ऐसा ही किया गया था, जिसमें दो महिला आइपीएल टीमों के बीच मैच खेले गए थे। इसमें आइपीएल ट्रेलब्लेजर्स की कप्तानी पूर्व महिला कप्तान मिताली राज और आइपीएल सुपरनोवास की कप्तानी महिला टीम की वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत कौर ने की थी। महिला आइपीएल पूरी तरह से आयोजित न हो पाने का सबसे बड़ा कारण पैसों की तंगी और किसी भी टीम के लिए बोली लगाने वाले खरीदार न मिल पाना बताया जा रहा है। महिला क्रिकेट को मजबूती देने, साथ ही अधिक महिलाओं को क्रिकेट में बढ़ावा देने के लिए महिला आइपीएल का होना बेहद जरूरी है। बीसीसीआइ को इस पर ज्यादा गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि युवा लड़कियों को भी अपनी क्षमताएं दिखाने का मंच मिल सके।
’निशांत रावत, दिल्ली विश्वविद्यालय

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