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चौपाल: मील का पत्थर

विराट की सफलता का राज फिटनेस के प्रति उनका चौकन्नापन है। आज उनकी गिनती दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों राफल नडाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ होती है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि विराट कोहली फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हैं।

Author November 2, 2018 2:58 AM
कप्तान विराट कोहली ने बताया कि वीगन डाइट एक तरह से प्लांट बेस्ड डाइट है जिसमें सब्जियां, बीन्स, अनाज और नट्स शामिल होते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली ने सबसे तेज 10 हजार रन बना कर न केवल सचिन तेंदुलकर बल्कि सौरभ गांगुली और जैक कॉलिस जैसे न जाने कितने बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। विराट का अब तक का सफर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से भी काफी तेज रहा है। सचिन को जहां 10 हजार रन पूरे करने में 259 पारियों में 11 वर्षों से अधिक का समय लगा था नहीं विराट ने विश्व शिखर पर पहुंचने का यह कारनामा महज 205 पारियों में 10 वर्ष 2 माह में कर डाला। औसत और शतकीय पारी में भी विराट का प्रदर्शन सचिन से बेहतर रहा है।

इस तुलना का उद्देश्य किसी को ऊंचा या नीचा दिखाना नहीं बल्कि बदली हुई परिस्थितियों में उभरते क्रिकेट सितारे का यथेष्ठ मूल्यांकन करना है। चूंकि भारतीय क्रिकेट के अब तक के ज्यादातर विश्व कीर्तिमान सचिन तेंदुलकर के नाम रहे हैं इसलिए जब भी कोई बल्लेबाज उन्हें तोड़ता है तो स्वाभाविक रूप से उसके साथ सचिन तेंदुलकर का नाम आ ही जाता है। सचिन भारतीय क्रिकेट में वह मील का पत्थर हैं जिससे होकर ही कोई क्रिकेट सितारा अपने नाम का परचम लहरा सकता है। अब वही मील का पत्थर विराट बनने जा रहे हैं। विराट कोहली अगर इसी गति से रन बनाते रहे तो सचिन के अन्य कीर्तिमान भी ध्वस्त करने में कामयाब हो सकते हैं।

विराट की सफलता का राज फिटनेस के प्रति उनका चौकन्नापन है। आज उनकी गिनती दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों राफल नडाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ होती है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि विराट कोहली फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हैं। इस कारण भारतीय क्रिकेट टीम आज गैंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्र रक्षण तीनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। एक समय सबसे कमजोर कड़ी मानी जाने वाली भारतीय टीम की फील्डिंग में हाल के दिनों में हुए आकस्मिक सुधार के मूल में असली वजह टीम की फिटनेस पर ध्यान देना ही है। बांग्लादेश के क्रिकेटर तमीम इकबाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि विराट के खेलने के अंदाज को देखकर लगता नहीं कि वे इंसान हैं। मतलब साफ है कि भारतीय क्रिकेट में सचिन के बाद एक और भगवान जन्म ले चुका है जिसके करिश्माई कारनामे की शुरुआत हो चुकी है।

एक बल्लेबाज के रूप में विराट अपनी सर्वश्रेष्ठता साबित कर चुके हैं लेकिन एक कप्तान के तौर पर उन्हें इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में टैस्ट मैचों में खुद को साबित करना बाकी है। विराट की खूबियों की अगर बात करें तो अपनी कमियों से सीखने और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और हौसला बनाए रखने में उनका कोई सानी नहीं है। सचिन तेंदुलकर जहां एक स्वाभाविक प्रतिभा थे वहीं विराट ने परिश्रम से अपनी प्रतिभा को निखार कर मौजूदा मुकाम तक पहुंचाया है। सचिन अगर टैक्स्ट बुक क्रिकेट प्लेयर हैं तो विराट कौशल की कारीगरी की भट्ठी में तप कर कुंदन बने क्रिकेटर। उम्मीद की जानी चाहिए कि जीत, सफलता और शोहरत की बुलंदियों के खुमार से खुद को मुक्त रखते हुए वे भारतीय क्रिकेट को सफलता के नए क्षितिज की ओर ले जाते रहेंगे।
’देवेंद्र जोशी, महेशनगर, उज्जैन

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