ताज़ा खबर
 

चौपाल: संकट के वाहन

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग के कारण देश को पहले से ज्यादा मात्रा में कच्चे तेल का आयात करना पड़ रहा है। इससे देश का व्यापार घाटा बढ़ता जा रहा है जो बेहद चिंताजनक है। इस समस्या के समाधान के लिए आम लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

Author October 26, 2018 6:08 AM
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग के कारण देश को पहले से ज्यादा मात्रा में कच्चे तेल का आयात करना पड़ रहा है।

लोगों की क्रय शक्ति में वृद्धि के कारण हाल के वर्षों में पेट्रोल-डीजल चालित दुपहिया व चार पहिया मोटर वाहनों की ब्रिकी और उपयोग में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। त्योहारी मौसम में हर साल लाखों की संख्या में मोटर वाहन खरीदे जाते हैं। सक्षम लोग पहले से वाहन मौजूद होने के बाद भी महज शौक और इच्छा के कारण नए मॉडल के वाहन खरीद लाते हैं। वाहन रखने की जगह न होने के बाद भी कुछ लोग उन्हें खरीद कर सार्वजनिक स्थानों का उपयोग पार्किंग के रूप में करने लगते हैं। इससे सड़कें संकरी होने के साथ ही यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। इनसे पर्यावरण को व्यापक क्षति पहुंच रही है। वाहनों की संख्या की तुलना में सड़कों चौड़ाई और संख्या पर्याप्त न होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग के कारण देश को पहले से ज्यादा मात्रा में कच्चे तेल का आयात करना पड़ रहा है। इससे देश का व्यापार घाटा बढ़ता जा रहा है जो बेहद चिंताजनक है। इस समस्या के समाधान के लिए आम लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। केवल शौक पूर्ति के लिए देश के आर्थिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को दांव पर लगाना कतई उचित नहीं कहा जा सकता। पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी लाने के लिए वाहनों की गैर जरूरी खरीदी पर लगाम लगाई जानी चाहिए। मौजूदा मोटर वाहनों की दक्षता में आवश्यक सुधार करने की भी जरूरत है। उच्च दक्षता वाले वाहनों के उपयोग से कम र्इंधन में ज्यादा कार्य लिया जा सकेगा।

वाहन चालकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बेहद आवश्यक होने पर ही इंजन को चालू रखा जाए। बहुत ज्यादा गति के बजाय मध्यम गति से चलते हुए जरूरत के स्थान पर ही वाहन के ‘एक्सीलेटर पैडल’ पर दबाव बढ़ाया जाए। दुपहिया वाहन चालकों को छोटी-छोटी दूरियों के लिए वाहन का उपयोग करने से बचना चाहिए। इसके स्थान पर साइकल से अथवा पैदल जाने का विकल्प चुना जा सकता है। पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर बैटरी चलित वाहनों को अपनाया जाना चाहिए।
’ऋषभ देव पाण्डेय, सूरजपुर, छत्तीसगढ़

विराट उपलब्धि
विराट कोहली ने कभी सोचा नहीं होगा कि वे दुनिया के सबसे तेज दस हजारी बनेंगे। अपनी आक्रामक छवि के लिए मशहूर विराट ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट मैचों की शृंखला में दस हजार रन पूरे किए। यह सफर तय करने के लिए उन्हें 216 मैचों का इंतजार करना पड़ा। विराट कोहली को इस उपलब्धि के मामले में पछाड़ना किसी अन्य बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। वैसे इस भारतीय कप्तान ने 2008 में मलेशिया में आयोजित अंडर-19 विश्व कप में ही अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी कौशल से आभास करा दिया था कि वे भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम के बड़े खिलाड़ी साबित होने वाले हैं।
’कुंदन कुमार क्रांति, बीएचयू, वाराणसी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App