ताज़ा खबर
 

चौपाल: अनाज की बर्बादी

भारतीय संस्कृति में अन्न को भगवान के समान माना जाता है, तो फिर उसकी बर्बादी हम भला कैसे सहन कर सकते हैं? भूख से लड़ाई जीतने के लिए हमें अन्न के संरक्षण के बारे में सोचना होगा।

बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है

किसान सालभर सर्दी, गर्मी और बरसात सहकर अन्न का उत्पादन करता है, लेकिन बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि उसकी सारी मेहनत पर पानी फेर रही है। बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। यह विडंबना ही है कि प्रकृति हमें भरपूर खाद्यान्न दे रही है, लेकिन हम उसका व्यवस्थित तरीके से भंडारण भी नहीं कर पा रहे हैं। हर साल भंडारण क्षमता की कमी के कारण बरसाती पानी से लाखों टन अनाज सड़ जाता है। अनाज की बर्बादी रोकना सरकार के साथ-साथ हमारा भी फर्ज है, ताकि हर जरूरतमंद को अनाज मिले। भारतीय संस्कृति में अन्न को भगवान के समान माना जाता है, तो फिर उसकी बर्बादी हम भला कैसे सहन कर सकते हैं? भूख से लड़ाई जीतने के लिए हमें अन्न के संरक्षण के बारे में सोचना होगा। किसानों की मदद के साथ-साथ अनाज के भंडारण की अच्छी व्यवस्था किया जाना भी बहुत जरूरी है।
’डॉ राजेंद्र कुमावत, जयपुर

काम देखकर दें वोट
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी महापर्व का आगाज हो चुका है। देश के दो मुख्य दलों के घोषणापत्रों पर नजर दौड़ाएं तो कोई भी वादों को पूरा करने वाला नहीं लगता। सत्ताधारी दल भाजपा जहां युवाओं से अपना पहला वोट शहीदों को देने की मांग कर रहा है। वहीं कांग्रेस जीडीपी का छह फीसद शिक्षा पर खर्च करने और 22 लाख खाली पदों को भरने की बात कर रही है। मतदाता को डर सता रहा है कहीं वो गलत सरकार न चुन ले और उसे फिर से पछताना पड़े। क्योंकि पिछली बार जो वादे किए गए थे, उनसे सरकार पूरी तरह मुकर चुकी है। समझने वाली बात यह है कि जब तक हम इन राजनीतिक दलों के जाल में फंसते जाएंगे, ये ऐसे ही हमारा शोषण करते रहेंगे और हमें झूठे वादों में फंसाते रहेंगे। इतनी सूचना तकनीक होने के बावजूद अगर हमने एक उचित सरकार नहीं चुनी तो आने वाले समय में हम और पीछे चले जाएंगे। भले ही हमारे देश का विदेशों में गुणगान हो रहा हो, लेकिन देश के अंदर के हालात ठीक नहीं है। जब तक कोई भी पार्टी कुर्सी की भूखी होगी वो देश को आगे बढ़ा ही नहीं सकती है। हमें अपना वोट चेहरे पर नहीं बल्कि काम और रोजगार पर देना होगा क्योंकि अभी इसकी बहुत जरूरत है।
’आशीष, दिल्ली विश्वविद्यालय

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 चौपालः वोट का सच
2 चौपालः सच से दूर
3 चौपालः उम्मीद की किरण
कोरोना टीकाकरण
X