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चौपाल: बदलते सुर

अगर राहुल अब हकीकत को मान रहे हैं तो बहुत अच्छी बात है। उन्होंने भले ही सरकार से अपनी वैचारिक भिन्नता बताई हो, किंतु देश के साथ उन्होंने सरकार के साथ खड़े होकर खुद, पार्टी, जनहित और देशहित में दिल से जो कहा वह सराहनीय है।

Author नई दिल्ली | Updated: August 29, 2019 4:49 AM
Article 370, Jammu and Kashmir, JK, Laddakh, Rahul Gandhi, Tweet, National Security, India, Lok Sabha, Rajya Sabha, Parliament, New Delhi, Narendra Modi Govenment, Amit Shah, National News, India News, Hindi Newsकांग्रेसी नेता राहुल गांधी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः प्रेमनाथ पांडे)

कश्मीर से धारा 370 को निष्क्रिय किए जाने के बाद से ही पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सरकार को आड़े हाथों लेते रहे हैं। लेकिन अब अचानक उनका कैसे हृदय परिवर्तन कैसे हो गया है? उनके स्वर एकदम बदल गए और वे सरकार के समर्थन कह रहे हैं कि मैं कई मामलों में सरकार से असहमत हूं पर कश्मीर में पाकिस्तान हिंसा भड़का रहा है और वह दुनियाभर में आतंकवाद का प्रमुख समर्थक बना हुआ है, कश्मीर का मसला भारत का आंतरिक मामला है इसमें किसी दूसरे देश के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। अगर राहुल अब हकीकत को मान रहे हैं तो बहुत अच्छी बात है। उन्होंने भले ही सरकार से अपनी वैचारिक भिन्नता बताई हो, किंतु देश के साथ उन्होंने सरकार के साथ खड़े होकर खुद, पार्टी, जनहित और देशहित में दिल से जो कहा वह सराहनीय है। इस तरह कांग्रेस ने एक बेहतर संदेश विपक्षियों को दिया है कि आंतरिक मतभेद चाहे कितने भी हों लेकिन राष्ट्रहित में हमें हमेशा सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े होना चाहिए।
’शकुंतला महेश नेनावा, इंदौर

बौखलाया पाक
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में वह दुनिया के दूसरे देशों के आगे इस मामले में दखल देने की फरियाद करता घूम रहा है। लेकिन सारी दुनिया पाकिस्तान की मंशा को जानती है, इसलिए किसी भी देश ने उसे कोई तवज्जो नहीं दी और इस मामले में इसका साथ देने से भी इंकार कर दिया, यहां तक कि मुसलिम देशों ने भी इस मुद्दे पर उसका साथ देने से साफ मना कर दिया। इस बौखलाहट में आकर पाकिस्तान ने परमाणु युद्ध की धमकी भी दे डाली। यह उसकी सबसे बड़ी नासमझी है। वह शायद भूल चुका है कि भारत के साथ हर युद्ध में उसकी करारी हार हुई है। जंग हमेशा नुकसानदायी होती है, पाकिस्तान के सत्ताधारी और कट्टरपंथी इस बात को क्यों नहीं समझते। बल्कि अगर पाकिस्तान को खुद एक बेहतर राष्ट्र बनना है तो उसे अपने यहां पल रहे आतंकी संगठनों पर नकेल कसनी चाहिए। पाक को यह बात याद रखनी चाहिए कि परमाणु बमों का असर आज तक नागासाकी और हिरोशिमा के लोग भुगत रहे है। परमाणु युद्ध किसी मसले का हल नहीं हो सकता।
’राजेश कुमार चौहान, जलंधर

 

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