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चौपाल: गद्दारों की चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इशारों-इशारों में पाकिस्तान को बता दिया कि अगर आतंक को संरक्षम देने का काम बंद नहीं किया तो इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है।

Author नई दिल्ली | September 24, 2019 3:45 AM
पीएम इमरान खान के स्वागत में कोई अमेरिकी अधिकारी नजर नहीं आया। (फोटो- Twitter)

आतंकी मुल्क पाकिस्तान दुनियाभर में कश्मीर मुद्दे को लेकर ढिंढोरा पीट रहा है कि भारत सरकार कश्मीरियों पर जुल्म कर रही है और उनके नेताओं का हुक्का-पानी बंद कर रखा है। दरअसल बात यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कश्मीरियों की चिंता नहीं है, उन्हें भारत के उन गद्दारों की चिंता है जो खाते तो भारत की हैं, रहते भारत में हैं, लेकिन साथ पाकिस्तान का देते हैं और उनके कहने पर घाटी में आतंकियों को घुसने देते हैं। यही नहीं, इन आतंकियों को अपने घर में भी पनाह भी देते हैं। पाकिस्तान अलगाववादी और उन कश्मीरी नेताओं की चिंता कर रहा है, जिनके दिल में भारत नहीं पाकिस्तान और आतंकवाद बसता है। लेकिन भारत की सरकार ने उनको जेलों में ठूस दिया है, इसलिए पाकिस्तान बौखला रहा है। आतंक के सरपरस्त पाकिस्तान को पूरे विश्व में मुंह की खानी पड़ रही है। रविवार को ह्यूस्टन में भी प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंच साझा कर इशारों-इशारों में पाकिस्तान को बता दिया कि अगर आतंक को संरक्षम देने का काम बंद नहीं किया तो इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है।
’ब्रजेश सैनी, बिंदकी फतेहपुर, उप्र

साझा सरोकार
हाल ही में ह्यूस्टन में हुए भारतीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विदेशी भारतीयों ने हिस्सा लिया। जहां एक और ट्रम्प के लिए यह अमेरिका में अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की योजना का हिस्सा था दूसरी और भारत ने भी कई सन्देश इस कार्यक्रम के द्वारा पूरी दुनिया को दिए। जैसे की भारत और अमेरिका आतंकवाद के विरुद्ध एक साथ मजबूती से खड़े है व कश्मीर से 370 हटाने के मामले में भी अमेरिका का समर्थन है। भारत व अमेरिका के बीच पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे व्यापारिक तनाव को कम करना भी इस कार्यक्रम का उद्देश्य था। भले ही ट्रम्प के लिए यह चुनाव प्रचार का हिस्सा हो लेकिन आज अमेरीकी-भारतीय और भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र है इससे एक बात तो साफ हो जाता है कि भारत और भारतीयों का प्रभाव व ताकत पूरी दुनिया में आश्चर्य जनक रूप से बढ़ी है और भारतीयों और भारतीय राजनेताओ में अपनी बात किसी भी स्थान पर मुखरता के साथ रखने की प्रवृति जाग्रत हुई है जो की दर्शाता है की भारत विश्वगुरु बनने के अपने लक्ष्य की तरफ अग्रसर है।
’सुनील कुमार सिंह, मेरठ, उप्र

जरूरी जुर्माना
नए मोटर वाहन अधिनियम 2019 में दोषी वाहन चालकों पर भारी जुर्माना निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह से उचित है, क्योंकि बिना सख्ती के शासन चलता भी नहीं है। मगर इसमें एक बड़ी कमी यह है कि इसमें दूसरे इतने ही जिम्मेवार पक्ष को छोड़ दिया गया है जो तर्कसंगत नहीं है। इसके लिए खराब और जानलेवा सडकों, फुटपाथों,चौराहों, पुलों, अंडरपास आदि के सभी जिम्मेवार अधिकारियों, ठेकेदारों और नियोजकों आदि पर भी ऐसे ही जुर्माने बहुत जरूरी हैं ताकि किसी को कोई शिकायत न रहे और यह पूरे देश में समान रूप से लागू हो सके। केंद्र के कानून तो पूरे देश के लिए बनते हैं। यदि कुछ राज्य इसे लागू करें, कुछ न करें और कुछ इसे तोड़-मरोड़ कर लागू करें, तो यह किसी के लिए भी शोभायमान नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार को इसे इस जरूरी संशोधन के साथ ही लागू करना जरूरी है।
’वेद मामूरपुर, नरेला

 

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