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चौपाल: जनसंख्या नियंत्रण

तभी भारत की आबादी कुछ नियंत्रण में आएगी।

Author Updated: September 3, 2019 5:00 AM
हम भारत में कहीं भी जाएं हर जगह भीड़ की रेलमपेल देखकर मन क्षुब्ध हो जाता है।

भारत भले ही खुद को विश्व की एक उभरती बड़ी अर्थव्यवस्था कहता हो, पर बेतहाशा बढ़ती आबादी के कारण इसकी सारी विकास योजनाएं अमलीजामा पहनते-पहनते दम तोड़ देती हैं, चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों की दुर्दशा की बात हो। यहां हजारों छोटे बच्चों की दवा के अभाव में मौत हो जाती है और एक बहुत बड़ी आबादी पीने के साफ पानी तक को तरस रही है।

दुखद है कि भारत अब अपने से तीन गुना अधिक क्षेत्रफल वाले देश चीन को भी महज कुछ वर्षों में आबादी के मामले में पीछे छोड़ने वाला है। हम भारत में कहीं भी जाएं, चाहे बाजार में, सड़क पर, बस अड्डे पर, रेलवे स्टेशनों पर, रेलगाड़ियों में, हर जगह भीड़ की रेलमपेल देखकर मन क्षुब्ध हो जाता है।

इसलिए हमें हर हालत में अपनी बेतहाशा बढ़ती आबादी को रोकना ही होगा नहीं तो इस देश की तब क्या हालत होगी जब सन 2050 में इसकी जनसंख्या एक अरब पैंसठ करोड़ हो जाएगी? यहां का राजनीतिक नेतृत्व वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए कभी भी ईमानदार और कृतसंकल्पित नहीं होता। यहां सरकारों को केवल दो बच्चों वाले दंपतियों को प्रोत्साहित करना चाहिए और ज्यादा बच्चे वालों पर कुछ प्रतिबंध लगाने ही होंगे। तभी भारत की आबादी कुछ नियंत्रण में आएगी।

’निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद

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