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चौपाल: नापाक मंसूबे व अमन का रास्ता

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘के-2’ अर्थात कश्मीर और खालिस्तान के संयुक्त मोर्चे पर काम कर रही है।

Author Published on: October 4, 2019 2:55 AM
अमेरिका, कनाडा, इटली, इंग्लैंड सहित अनेक देशों में आज भी खालिस्तान के नाम पर भारत के अमन में अंगारे फेंकने का प्रयास होता रहता है।

केंद्र सरकार ने 312 सिख अलगाववादियों व आतंकियों के नाम काली सूची से हटा दिए और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के हत्यारे बब्बर खालसा के आतंकी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। उसके इन कदमों को जहां देशभर में मनाए जा रहे श्री गुरु नानक देव जी के 550 वर्षीय जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करने के प्रयासों में रूप में देखा जा रहा है, वहीं कुछ विश्लेषक मानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में मुंह की खाने के बाद जिस तरह पाकिस्तान ने पंजाब में खालिस्तानी आतंक को हवा देने का फिर से काम शुरू कर दिया, इस कदम से पाक के इन कुत्सित प्रयासों से भी निपटा जा सकेगा। केंद्र सरकार के इन कदमों का राज्य में जहां स्वागत हुआ है वहीं इस बात की भी जरूरत महसूस की जाने लगी है कि सरकार लोगों का दिल जीतने की कोशिश तो करे पर सावधानी से, हवन करे परंतु हवनकुंड की अग्नि से हाथ बचा कर।

यहां गौरतलब है कि पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद बुरी तरह परास्त तो हुआ लेकिन पूरी तरह अभी मरा नहीं। इसके रोगाणु आज भी देश-विदेश में सक्रिय हैं जो राज्य की युवा पीढ़ी को संक्रमित करने का काम कर रहे हैं। अमेरिका, कनाडा, इटली, इंग्लैंड सहित अनेक देशों में आज भी खालिस्तान के नाम पर भारत के अमन में अंगारे फेंकने का प्रयास होता रहता है। विदेशों में बसे खालिस्तानी आतंकियों व अलगाववादी शक्तियों की ओर से ‘रेफ्रेंडम 2020’ नाम से उग्रवाद की झुलसाहट पर घी फेंकने का प्रयास किया जा रहा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘के-2’ अर्थात कश्मीर और खालिस्तान के संयुक्त मोर्चे पर काम कर रही है। कुछ महीनों पहले तरनतारन के निरंकारी आश्रम में हुआ आतंकी हमला और हाल की घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि खालिस्तानी आतंक की आहट पर शुतरमुर्ग वाला रवैया अपनाना ठीक नहीं होगा।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35-ए हटाए जाने के बाद वहां हुई सख्ती के बाद पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों का केंद्र पंजाब को बनाने की साजिश रची जा रही है। विगत पखवाड़े में जम्मू-कश्मीर में पकड़ा गया हथियारों का जखीरा पंजाब से ही होकर गया बताया जा रहा है। वहीं राज्य में पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियों का खुलासा होने के बाद अब हथियार पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है। आशंका है कि इनसे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश थी।

अंदेशा यह भी है कि पाकिस्तान देश के सीमावर्ती राज्य पंजाब के अपराधियों का उपयोग भी आतंकियों के रूप में कर सकता है और उन्हें हथियारों के साथ-साथ नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा है। केंद्र सरकार ने चाहे राज्य का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाने व भटके हुए लोगों को नया अवसर देने का प्रयास किया है पर यह काम जितनी सावधानी से किया जाए उतना ही देश के हित में होगा।

’राकेश सैन, लिदड़ां, जालंधर

अमन का रास्ता

आज हम जिस युग में रह रहे हैं उसमें महात्मा गांधी के सिद्धांतों का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। इन दिनों दुनिया बारूद के ढेर पर बैठी है और हर देश अपने हाथ में माचिस की तीली जलाए हुए है। किसी एक की भी हिंसा की नीति संपूर्ण मानव सभ्यता का नाश कर सकती है। ऐसे में हमें गांधीजी के सिद्धांतों व विचारों का प्रचार-प्रसार करना होगा जिससे विश्व में शांति में स्थापित हो सके।

’चिन्मय बाछाड़, काशी हिंदू विश्वविद्यालय

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