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चौपाल: सेहत की सुध

डब्ल्यूटीओ के मुताबिक पौष्टिक भोजन, तंबाकू से दूरी और शारीरिक सक्रियता से दिल की गंभीर बीमारियों और टाइप-2 मधुमेह से होने वाली असामयिक मृत्यु से बचा जा सकता है।

Author Published on: September 17, 2019 1:47 AM
आंकड़ों के हिसाब से यदि भारत के लोग स्वस्थ हो जाएं तो भारत की जीडीपी में 1.4 फीसद का इजाफा किया जा सकता है।

समृद्ध भारत का सपना स्वस्थ भारत की आंखों से ही देखा जा सकता है। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग और सक्रिय करके ही देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुसार 2016 में दुनिया में बीमारियों से 96 लाख लोगों की जान चली गई। इनमें 63 फीसद मौतें गैर-संक्रामक रोगों से हुर्इं। गैर-संक्रामक बीमारियों से मरने वालों में 33 लाख पुरुष और 27 लाख महिलाएं हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत में जिन बीमारियों से लोग मौत का शिकार हो रहे हैं उन पर शारीरिक सक्रियता, व्यायाम, योग आदि से काबू पाया जा सकता है।

डब्ल्यूटीओ के मुताबिक पौष्टिक भोजन, तंबाकू से दूरी और शारीरिक सक्रियता से दिल की गंभीर बीमारियों और टाइप-2 मधुमेह से होने वाली असामयिक मृत्यु से बचा जा सकता है। साथ ही अन्य बीमारियों से होने वाली 40 फीसद मौतों को टाला भी जा सकता है। यदि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों तो सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर किए जा रहे भारी खर्च में कमी आएगी और वह अनेक कल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर सकेगी।

आंकड़ों के हिसाब से यदि भारत के लोग स्वस्थ हो जाएं तो भारत की जीडीपी में 1.4 फीसद का इजाफा किया जा सकता है। आज देश में ज्यादातर परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का मुख्य कारण बीमारियों पर किया गया भारी भरकम खर्च है। लिहाजा यह आवश्यक हो जाता है कि स्वास्थ्य संबंधी अभियान चलाएं जाएं। सरकार ने इस क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की शुरुआत की है जो उसकी स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता को बताता है। इसके तहत संपूर्ण देश में स्वास्थ्य जागरूकता व खेलकूद जैसी गतिविधियों में लोगों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

इस अभियान में खेल मंत्रालय के साथ-साथ पंचायती राज व ग्रामीण विकास मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की भूमिका अहम होगी। यह अभियान चार वर्षों तक चलेगा जिसमें भोजन की आदत, खेल कूद, रोग निवारण के उपाय और तंदुरुस्ती पर बल दिया जाएगा। उम्मीद है कि सरकारी तंत्र इस अभियान को रस्मअदायगी की तरह नहीं लेगा और इसे सफल बनाने के लिए हर देशवासी की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

’शशांक मिश्रा, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश

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