ताज़ा खबर
 

चौपाल: विदेश में ईवीएम

वैसे इंटरनेट लगी हुई ईवीएम भी चलन में हैं। स्विट्जरलैंड, जहां हर वर्ष राष्ट्रपति का चुनाव होता है और मुख्य राजनीतिक-प्रशासनिक मुद्दे जनमत-संग्रह द्वारा तय किए जाते हैं, वहां इंटरनेट वाली ईवीएम ही चलती हैं। लेकिन वहां आज तक कभी हैकिंग नहीं हुई।

evmभारत में जारी लोक सभा चुनाव के दौरान गुजरात में बड़ी संख्या में ईवीएम में खराबी की खबरें आयी।

ईवीएम में खोट निकालने वाले अक्सर तर्क देते हैं कि अमेरिका आदि विकसित देशों ने ईवीएम छोड़ कर बैलट से मतदान अपना लिया है और हमें भी ऐसा ही करना चाहिए। यह तर्क केवल एक अर्ध-सत्य है। पहली बात तो यह कि जिस ईवीएम को उन्होंने कुछ सीमा तक त्यागा (अमेरिका के कई राज्यों में अभी भी ईवीएम से ही मतदान होता है), वह भारत की ईवीएम से भिन्न है। वहां की ईवीएम नेटवर्क से जुड़ने योग्य थी, उसमें इंटरनेट से मत डाला जा सकता था, इस कारण उसे हैक किया जा सकता था। भारत की ईवीएम नेटवर्क-इनेबल्ड नहीं है। यह बहुत कुछ कैलकुलेटर जैसी चीज है, इसकी हैकिंग संभव ही नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट तक में सिद्ध हो चुका है। वास्तव में इसी विशेषता के कारण अनेक देश भारत के निर्वाचन आयोग से इन मशीनों के आयात का आदेश दे रहे हैं।

वैसे इंटरनेट लगी हुई ईवीएम भी चलन में हैं। स्विट्जरलैंड, जहां हर वर्ष राष्ट्रपति का चुनाव होता है और मुख्य राजनीतिक-प्रशासनिक मुद्दे जनमत-संग्रह द्वारा तय किए जाते हैं, वहां इंटरनेट वाली ईवीएम ही चलती हैं। लेकिन वहां आज तक कभी हैकिंग नहीं हुई। एस्टोनिया, जो 1991 तक सोवियत संघ का हिस्सा था, वहां भी इसी प्रकार नेट द्वारा मत डाले जाते हैं। अमेरिका के अलास्का प्रांत में फैक्स और वेब वोटिंग की सुविधा है। हवाई में ई-मेल से वोट डाल सकते हैं, इडाहो और उटाह प्रांतों में ई-मेल और फैक्स द्वारा वोट दिया जा सकता है।

जहां केवल बैलट से मतदान होता है, ऐसे 18 राज्यों में गणना के लिए मतपत्र मेल से भेजे जाते हैं, अन्य राज्यों (कोलंबिया डिस्ट्रिक्ट सहित) में गणना के लिए मतपत्र ई-मेल, फैक्स अथवा वेबसाइट से भेजने का प्रावधान है; अर्थात बैलट प्रत्यक्ष भेजना नहीं पड़ता। अगर मान लें कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है, तो कड़वी हकीकत है कि बैलट और मतपेटी भी तो लूट लिए जाते थे। उसे कभी रोका नहीं जा सका था। ईवीएम ने ही उस पर विराम लगाया है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में कागज और समय की बचत दो ऐसी बातें हैं, जो ईवीएम से ही संभव हैं।
’पूनम मित्तल, मोहनपुरी, मेरठ

Next Stories
1 चौपाल: आतंक के विरुद्ध
2 चौपाल: कर्तव्य के साथ
3 चौपाल: आतंक का दंश
दिशा रवि केस
X