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चौपाल: नाहक विरोध

सरकार चाहे किसी भी दल की हो, सकारात्मक मुद्दों पर विपक्ष को सहयोग देना जरूरी है। ऐसे मुद्दे पर आयोजित बैठक का विरोध या बहिष्कार लोकतंत्र के हित में नहीं कहा जा सकता है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (PTI Photo/Kamal Kishore)

एक देश, एक चुनाव पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों का भाग न लेना खलने वाला है। यह मुद्दा राष्ट्रहित में होकर अर्थव्यवस्था से भी संबंधित है। ऐसे सर्वहिताय मुद्दे पर अपनी राय व सुझाव देना विपक्ष का कर्तव्य होता है ताकि सभी बिंदुओं पर विचार कर किसी सर्वमान्य हल पर सहमति बनाई जा सके। सरकार चाहे किसी भी दल की हो, सकारात्मक मुद्दों पर विपक्ष को सहयोग देना जरूरी है। ऐसे मुद्दे पर आयोजित बैठक का विरोध या बहिष्कार लोकतंत्र के हित में नहीं कहा जा सकता है।
’ हेमा हरि उपाध्याय, खाचरोद, उज्जैन

योग बनाए निरोग

ओशो के अनुसार, ‘योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा प्रायोगिक विज्ञान है। यह जीवन जीने की कला है, एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। एक पूर्ण मार्ग है- राजपथ। दरअसल, धर्म लोगों को खूंटे से बांधता है और योग सभी तरह के खूंटों से मुक्ति का मार्ग बताता है।’ भारत के धर्म, संस्कृति और धरोहर ने विश्व को बहुत कुछ ऐसा दिया है जो इंसान को अच्छे मार्ग की ओर अग्रसर करता है। इन्हीं में से एक है योग विधि, जिसे अपना कर इंसान तन और मन से स्वस्थ होता है। योग मात्र शरीर को दुरुस्त नहीं करता, बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ बनाता है, सकारात्मक सोच को बढ़ाता है और इंसान का प्रकृति से भी तालमेल बढ़ाता है।

आज विश्वभर में बहुत से लोगों का ऐसी बीमारियों, जो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की हो सकती हैं, ने जीना दुश्वार किया हुआ है। आज की भागदौड़ और भौतिकवाद में इंसान इतना व्यस्त हो गया है कि अपने शरीर की तरफ जरा ध्यान नहीं देता और बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। अगर लोग योग को अपना लें तो अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं। योग के महत्त्व को समझते हुए 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने को हरी झंडी दे दी थी। योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना भारत के लिए गर्व की बात है। यहां यह कहना भी उचित होगा कि जहां एक तरफ भारत ने दुनिया को योग की राह पर अग्रसर करके निरोग रहने का मंत्र दिया, वहीं दूसरी तरफ भारत के लोग योग से किनारा करके कई जानलेवा बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। देश के हरेक नागरिक को योग से जुड़ना चाहिए। खासतौर पर युवाओं को योग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लेकिन यह भी खयाल रखना होगा कि योग तभी निरोग बनाएगा जब उसके साथ-साथ खानपान और जीवनशैली में भी सुधार किया जाएगा।
’राजेश कुमार चौहान, जालंधर

 

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