ताज़ा खबर
 

चौपाल: संकट का दौर

कहा जा रहा है कि बजट में सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनका असर तुरंत नहीं दिखेगा, बल्कि दूरगामी होगा। सरकार का सारा जोर राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने का है।

पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण (express file photo)

राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में जहां आम आदमी से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बुनियादी क्षेत्र और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा गया है। इसके अलावा छोटे और मझौले उद्योगों को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश भी सरकार कर रही है। इसके अलावा सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए भी तेजी से काम करने का भरोसा दिया है। सरकार ने इस बार अपना आम बजट ऐसे समय में पेश किया जब अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है। सरकार पर लगातार दबाव बना हुआ है कि वह अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खर्च को बढ़ावा देने के उपाय करें। लेकिन कहा जा रहा है कि बजट में सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनका असर तुरंत नहीं दिखेगा, बल्कि दूरगामी होगा। सरकार का सारा जोर राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने का है। बजट इस मायने में महत्त्वपूर्ण है कि इसमें दूरगामी लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े और ठोस कदमों का ऐलान किया गया है। रेवड़ियां भले ही ना बांटी हों लेकिन विकास से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है ताकि देश को पांच लाख करोड़ डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाया जा सके।
’राजू, गोरखपुर

आबादी और विकास
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से एक बार पुन: नए भारत का उदय हुआ। सन 2014 में इसी दिन प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को एक सोच बना कर समाज के सामने रखा था और कुछ समय में ही यह एक अभियान बन गया। इंदौर ने लगातार दो बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार जीत कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। अन्य महानगरों में भी स्वच्छता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए। पांच साल बाद इसी महीने में ही दो बार प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया, एक बार धारा 370 हटाने के बाद और दूसरी बार स्वतंत्रता दिवस पर। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने जनसंख्या विस्फोट के कारण होने वाली समस्याओं को बताया र छोटा परिवार सुखी परिवार का मंत्र दिया। जनसंख्या नियंत्रण कानून वास्तव में देश को विकसित बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा। तभी भारत विकास के पथ पर तेजी से बढ़ पाएगा और वैश्विक श्क्ति बन पाएगा।
’मंगलेश सोनी, मनावर (धार)

Next Stories
1 चौपाल : कागजरहित कार्यवाही, जनसंख्या नियंत्रण और पाक का फर्जीवाड़ा
2 चौपाल : मंदी की आहट
3 चौपाल: धारा के साथ
ये पढ़ा क्या?
X