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चौपाल: खतरे की घंटी

इस बार सोशल मीडिया पर देश के कई मंत्रियों ने ‘बीट प्लास्टिक’ का नारा तो जम कर दिया और उनके इस नारे को खूब लोकप्रियता भी मिली, लेकिन सवाल है कि सरकार प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कर क्या रही है?

Author June 8, 2018 04:54 am
बढ़ते तापमान की वजह से धरती के गर्म होने की संभावना बढ़ गई है। (एपी फोटो)

समूचा विश्व आज ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहा है। पर्यावरण के सभी घटक आज बुरी तरह से प्रदूषण युक्त हो चुके हैं। चाहे जल हो या वायु हो या फिर भूमि, सभी घटक खतरे की घंटी से बजा रहे हैं। लेकिन न तो जनता जागरूक हो रही है और न ही हमारी सरकारें। इस बार के पर्यावरण दिवस पर भी लोगों ने जम कर ऑनलाइन वृक्षारोपण किया। अगर धरती पर पेड़ लगाए गए होते तो शायद कुछ सुधार अवश्य होता। इस बार सोशल मीडिया पर देश के कई मंत्रियों ने ‘बीट प्लास्टिक’ का नारा तो जम कर दिया और उनके इस नारे को खूब लोकप्रियता भी मिली, लेकिन सवाल है कि सरकार प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कर क्या रही है? क्या केवल ट्वीट कर देने मात्र से ही प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी? हमारी सरकारों का दोहरा चरित्र यह भी है कि एक ओर तो वह पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाती है और कुछ दिन बाद जम कर पॉलीथिन बाजार में दिखाई देती है। पर्यावरण की समस्या से निपटने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को अपना अपना योगदान देना होगा, क्योंकि समस्या इतनी विकराल है कि केवल सरकार के द्वारा सुलझाई नहीं जा सकती।
’मोंटी चौहान, मुरादाबाद

न्याय की राह
अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों को प्रोमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को जारी रखना सामाजिक समता को बढ़ावा देगी। आजादी के सत्तर सालों के बाद भी इन वर्गों को सरकारी नौकरियों में संतोषजनक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। इसके बावजूद अभी भी उच्च वर्गों के लोगों में दलितों के प्रति दुर्भावना है। ऐसे में अगर वे सरकारी व्यवस्था में आ भी जाते है तो उन्हें विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न से गुजरना पड़ता है। ऊंची कही जाने वाली जाति-वर्गों और तंत्र की ओर से उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है। ऐसी खबरें भी सामने आई हैं, जिसमे दलित कर्मचारी के रिकॉर्ड जान-बूझ कर खराब कर दिए जाते हैं, ताकि उनका प्रोमोशन न हो सके। प्रोमोशन में आरक्षण दलितों को उचित सुरक्षा प्रदान करेगी। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय सराहनीय है।
’गौरव कुमार निशांत, वाराणसी

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