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चौपाल: उदीयमान सितारे

भारत के मंजीत सिंह ने 1 मिनट 46.15 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए सोने पर कब्जा जमाया तो वहीं दूसरी ओर भारत के ही जिनसन जॉनसन 1 मिनट 46.35 सेकंड समय निकालते हुए दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

Author August 30, 2018 2:40 AM
भारत ने अठारहवें एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता के ट्रैक इंवेट की 800 मीटर पुरुषों की दौड़ में स्वर्ण और रजत पदक पर अपना कब्जा जमाया। (AP Photo)

कहते हैं कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। भारतीय एथलेटिक्स का कालचक्र भी घूमता हुआ 56 साल बाद वहीं पहुंच गया है जहां से इसका स्वर्ण युग शुरू हुआ था। छप्पन साल लंबे इंतजार के बाद भारत ने अठारहवें एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता के ट्रैक इंवेट की 800 मीटर पुरुषों की दौड़ में स्वर्ण और रजत पदक पर अपना कब्जा जमाया। भारत के मंजीत सिंह ने 1 मिनट 46.15 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए सोने पर कब्जा जमाया तो वहीं दूसरी ओर भारत के ही जिनसन जॉनसन 1 मिनट 46.35 सेकंड समय निकालते हुए दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इससे पहले इंडोनेशिया में आयोजित 1962 के एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता के ट्रैक इवेंट में पुरुषों की 800 मिनट दौड़ में मिल्खा सिंह ने स्वर्ण पदक जीता था और उनके साथी माखन सिंह ने उसी इंवेट का रजत पदक अपने नाम किया था। अठारहवां एशियाई खेल भारतीय एथलेटिक्स प्रतिस्पर्धा के लिए खास साबित हुआ है। हिमा दास, मंजीत सिंह, जेनसन जॉनसन, दुती चंद और हसन मोहम्मद जैसे धावक भारतीय एथलेटिक्स के उदीयमान सितारे हैं जिनसे 2020 के टोक्यो ओलंपिक में पदक की उम्मीद की जा सकती है।
’कुंदन कुमार क्रांति, बीएचयू, वाराणसी

किस ओर
इन दिनों छोटी-छोटी बातों और मामूली विवादों में मारपीट, खूनखराबा और हत्या तक कर देना आम हो गया है। इस प्रकार की मारपीट के समाचार देखने-पढ़ने के बाद लगता है कि कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। किसी में भी कानून का कोई खौफ नहीं है। आखिर हमारा देश किस दिशा में बढ़ रहा है! लोग बात-बात में अपना धैर्य (सहनशक्ति) खोते जा रहे हैं, जो आने वाले समय में और घातक परिणाम देने वाला है। यह सब हमारी मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जो चिंताजनक है। केंद्र व राज्यों की सरकारों को ऐसे मामलों में सख्ती बरतनी होगी वरना देश अराजकता का पर्याय बन जाएगा।
’हेमा हरि उपाध्याय, खाचरोद, उज्जैन

ये दुशासन
बिहार के सहरसा से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें साफ-साफ देखा सकता है कि किस प्रकार कुछ लड़के स्कूल जा रही एक लड़की के साथ सरेआम छेड़छाड़ करते हैं। उनकी हरकतें हैवानियत की हदों को दर्शाती हैं। सुशासन वाले राज्य में दुशासन पैर पसार रहे हैं। क्या इसी तरह बेटियां बचेंगी और पढ़ेंगी? इस घोर अपराध के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी हरकत करने से पहले कोई भी सौ बार सोचे।
’प्रदीप कुमार तिवारी, ग्रेटर नोएडा

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