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चौपाल: नेताओं का इलाज

बक्सर में जब यह केंद्र खुला तो इसका श्रेय लेने की होड़ में केंद्रीय मंत्री और विधायक तक आपस में भिड़ गए थे। उन्होंने इसे अपनी उपलब्धि बताते हुए कहा था कि यहां की जनता को अब सातों दिन 24 घंटे इलाज मिलेगा।

Author October 10, 2018 5:21 AM
पीएम नरेंद्र मोदी। (express photo)

हमारे देश में गरीबों के लिए जो योजनाएं बनाई जाती हैं उनका लाभ या तो उन्हें मिलता नहीं या सारा फायदा अमीर लोग उठा लेते हैं। मसलन, हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आयुष्मान योजना के बारे में खबर आ रही है कि इसके लाभार्थियों में प्रदेश के मंत्री और विधायक भी हैं। मतलब, पहले ग्रास में ही मक्खी! अभी तो सूची ही ठीक नहीं है, जब इलाज होगा तो पता नहीं क्या होगा! दूसरी खबर आयुष्मान भारत के तहत खुले ‘वेलनेस सेंटर’ की है। बक्सर में जब यह केंद्र खुला तो इसका श्रेय लेने की होड़ में केंद्रीय मंत्री और विधायक तक आपस में भिड़ गए थे। उन्होंने इसे अपनी उपलब्धि बताते हुए कहा था कि यहां की जनता को अब सातों दिन 24 घंटे इलाज मिलेगा।

इन्हीं सब बातों को सुनकर जब एक महिला इमरजेंसी की हालत में रात के ग्यारह बजे उस अस्पताल में पहुंची तो वहां के चौकीदार ने उसे यह कह कर भगा दिया कि यहां तो सिर्फ दिन में इलाज होता है। हालांकि उस महिला ने हार नहीं मानी और केंद्रीय मंत्री, विधायक और सिविल सर्जन के खिलाफ अदालत के आदेश से प्राथमिकी दर्ज करा दी। उसका कहना था कि जब इस तरह की सुविधा थी ही नहीं तो जिम्मेदार पदों पर बैठे नेता झूठी अफवाहें क्यों फैलाते हैं! अब जनता के पास ऐसा ही करने का अंतिम विकल्प है ताकि नेता पहले सोच समझ कर ही कोई घोषणा करें।
’मोहन सूर्यवंशी, नई दिल्ली

देशद्रोह की राह
ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के सीनियर सिस्टम इंजीनियर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित हैं लेकिन उन पर भारत की गोपनीय जानकारी लीक करने का शक खुफिया एजेंसियों को हुआ है। सरकार और खुफिया एजेंसियों को इस मामले की उचित और निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। अपने स्वार्थ के लिए देश की सुरक्षा को दांव पर लगाना देशद्रोह होने के साथ ही इंसानियत के खिलाफ भी है। अगर कुछ लोग चंद पैसों के लिए मुल्क के साथ गद्दारी करने लगेंगे तो देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

ऐसे गद्दारी करने वाले लोग देश पर शहीद होने वाले देशभक्तों की आत्मा को भी कष्ट पहुंचाते हैं। ऐसे लोगों को उन देशभक्तों से सबक लेना चाहिए, जिन्होंने अपना सब कुछ निस्वार्थ भाव से देश के लिए कुर्बान कर दिया था। सरकार को सुरक्षा-तंत्र में भ्रष्टाचार रोकने के लिए और जो देश की रक्षा की आड़ में देश के साथ गद्दारी करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। अगर सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती है तो आने वाले समय में कुछ और लोग भी चंद पैसों के खातिर देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।
’राजेश कुमार चौहान, जालंधर

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