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याचक के बजाय

आम जनता से वसूले गए कर से जमा राजस्व को कर्जमाफी, फ्री बिजली-पानी, कन्या विवाह और बेरोजगारी भत्ते जैसी योजनाओं पर लुटाने की बजाय सरकार को कौशल उन्नयन और स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए ताकि वे खुद परिश्रम करके जीवन निर्वाह कर सकें।

Author January 12, 2019 4:25 AM
प्रतीकात्मक फोटो। (Photo-Reuters)

आम जनता से वसूले गए कर से जमा राजस्व को कर्जमाफी, फ्री बिजली-पानी, कन्या विवाह और बेरोजगारी भत्ते जैसी योजनाओं पर लुटाने की बजाय सरकार को कौशल उन्नयन और स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए ताकि वे खुद परिश्रम करके जीवन निर्वाह कर सकें। याचक बनाने के बजाय आत्मनिर्भर बनाने से ही सही अर्थों में जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी और मुफलिसी की समस्या का समाधान भी हो सकेगा।
’ललित महालकरी, सुदामा नगर, इंदौर

असुरक्षित सफर
रेलगाड़ियों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और भीड़ को देखते हुए अनेक लोग इनमें सफर करने से कतराने लगे हैं। इसके मद्देनजर रेल मंत्रालय ने अपने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए देशभर में रेलवे स्टेशनों पर 6000 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना ली है। इसकी शुरुआत प्रयागराज के आसपास के रेलवे स्टेशनों से की जाएगी। उसके बाद जल्द ही देश के सभी रेलवे स्टेशन कैमरों की निगरानी से जोड़ दिए जाएंगे।
इसमें संदेह नहीं कि सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से बहुत उपयोगी हैं। पर रेलगाड़ियों में सफर करते हुए यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि सीसीटीवी कैमरा चोर को चोरी करने से रोक नहीं सकता। वह वारदात के बाद अपराधियों को सजा दिलाने में कारगर है। इसलिए कोशिश करें कि सफर में अपने सामान का ध्यान खुद रखा जाए।
’निशांत रावत, आंबेडकर कॉलेज, दिल्ली

कानून का शिकंजा
आर्थिक अपराधी कानून के अंतर्गत विजय माल्या पहला अपराधी है जिसे भगोड़ा घोषित किया गया है। इसके तहत माल्या की देश और विदेश की संपत्ति जब्त कर उसकी बिक्री करने का अधिकार विभिन्न एजेंसियों को मिल जाएगा। माल्या के बाद भारतीय बैंकों को चूना लगाकर देश से भाग गए अन्य अपराधी भी इस कानून की चपेट में जल्द ही आएंगे बशर्ते इसका क्रियान्वयन सख्ती से किया जाए।
’चांद मोहम्मद, दिल्ली विश्वविद्यालय

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