चौपाल: पढ़ाई के पायदान

तमाम सरकारी दावों के बावजूद बिहार शिक्षा में अग्रणी क्यों नहीं है? दरअसल, बिहार का शिक्षा तंत्र आधारभूत संरचना के अभाव, शिक्षकों की भारी कमी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।

Author Updated: February 27, 2021 3:24 AM
coronaसांकेतिक फोटो।

नीति आयोग की ओर से शिक्षा व्यवस्था पर किए गए हालिया सर्वेक्षण के अनुसार केरल 77.64 अंकों के साथ शीर्ष पर है। वहीं बिहार महज 30 अंकों के साथ नीचे से दूसरे पायदान पर खड़ा है। ये आंकड़े बिहार में शिक्षा के स्तर का भयावह चित्रण प्रस्तुत करने के लिए काफी हैं।

आखिर तमाम सरकारी दावों के बावजूद बिहार शिक्षा में अग्रणी क्यों नहीं है? दरअसल, बिहार का शिक्षा तंत्र आधारभूत संरचना के अभाव, शिक्षकों की भारी कमी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। दूसरी तरफ बिहार में बढ़ते शिक्षा माफिया का दबदबा भी एक चिंताजनक स्थिति है, जिस कारण आए दिन परीक्षा से पहले ही प्रश्न-पत्र लीक होने की घटना देखने को मिलती है। हाल ही में प्रश्न-पत्र लीक होने की घटनाएं एक बड़ा सवाल है।
’स्वर्ग सुमन मिश्रा, वैशाली, बिहार

राहत की राह
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती हुई कीमतों को लेकर विपक्ष सरकार की आलोचना तो कर रहा है, लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रहा है। कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को चाहिए कि जिन राज्यों में उनकी सरकारें हैं, वहां पेट्रोल और डीजल पर वैट में कमी करके वे जनता को राहत दे सकते हैं।

इससे केंद्र सरकार पर भी दबाव पड़ेगा और वह इस बारे में कोई कदम उठाने के लिए सोचेगी। कोरोना संक्रमण काल के दौरान सरकारों की आमदनी भी कम हुई है। इसलिए यह कदम मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। कोई सरकार अगर चाहे तो अपने अनावश्यक खर्चों में कटौती करके जनता को राहत दे सकती है।
’नवीन थिरानी, नोहर, राजस्थान

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