सही फैसला

अगर भविष्य में कृषि संबंधित कानून बनाने की जरूरत है तो किसान संगठनों के नेताओं के साथ बैठ कर किसानों के हित में कानून बनाए जाए, ताकि सभी की स्वीकार्यता हो।

pm modi, bjp, farms laws
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(फोटो सोर्स: ANI)।

आखिरकार प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया है। किसान संगठन इन कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए पिछले पिछले एक साल से आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान काफी कटु बयानबाजी देखने-सुनने को मिलीं। इस साल गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे राष्ट्र ने वह भी देखा। ना भुलाने वाला लखीमपुर खीरी का काला घटनाक्रम भी इसी दौरान देखने को मिला।

कृषि कानून विरोध करने वाले किसानों को जाने क्या-क्या नहीं कहा गया, खालिस्तानी, आतंकवादी..! सरकार वास्तव में किसान हितैषी होती तो यह आंदोलन शुरुआत के महीने-दो महीने में ही खत्म हो सकता था। कृषि कानून रद्द करने का ऐलान अगर सरकार पहले ही कर देती तो कई किसानों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता था। लगता है यह फैसला मजबूरी का नाम…!

उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए लिया गया है। खैर, देर से ही सही, सही ऐलान हुआ है, इसके पीछे सरकार की चाहे जो भी मजबूरी रही हो। अगर भविष्य में कृषि संबंधित कानून बनाने की जरूरत है तो किसान संगठनों के नेताओं के साथ बैठ कर किसानों के हित में कानून बनाए जाए, ताकि सभी की स्वीकार्यता हो।
’हेमा हरि उपाध्याय, खाचरोद, उज्जैन

पढें चौपाल समाचार (Chopal News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
आपदा के बहाने
अपडेट