ताज़ा खबर
 

नशे का जाल

यह एक बीमारी है जो न केवल एक व्यक्ति को बीमार करती है, बल्कि पूरे समाज को पीड़ा देती है और यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। अब तो देश के युवा भी इसका शिकार बनने लगे हैं और कुछ सरकारें शराब पीने वाले युवाओं की उम्र घटा रही हैं।

chaupalनशे का कारोबार और खराब होती जिंदगी।

नशे की लत कितनी खराब होती है, यह शायद अब अलग से बताने की जरूरत नहीं है। यह व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से कमजोर करता है, बल्कि मानसिक रूप से भी बीमार कर देता है। नशे की आदत से लाचार व्यक्ति अपने तन और मन से तो हाथ धो ही बैठता है, साथ ही अपने घर और समाज के लिए एक बीमारी भी बन जाता है।

नशे में डूब कर घर में मारपीट और गाली-गलौच करना, सड़कों पर हंगामा करना और नशे के कारण अपनी जिंदगी गंवा बैठना मानो आम हो गया हो, लेकिन कई बार कुछ ऐसा सुनने और देखने को मिल जाता है जो मन को विकल और व्यथित कर देता है। हाल ही में दिल्ली के उस्मानपुर इलाके से आई एक खबर में यह बताया गया था कि एक नशेड़ी बेटे को यह तक नहीं पता चला कि जिस कमरे में वह रह रहा था, उसी के बगल वाले कमरे में उसकी नब्बे साल की मां कई दिनों पहले मर चुकी थी और घर में उसकी लाश पड़ी थी। उस मां ने कभी यह सोचा होगा कि बुढ़ापे में उसका बेटा उसका सहारा बनेगा, लेकिन नशे की लत ने उसके बेटे को पहले ही मानसिक रूप से मार दिया था।

यह एक बीमारी है जो न केवल एक व्यक्ति को बीमार करती है, बल्कि पूरे समाज को पीड़ा देती है और यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। अब तो देश के युवा भी इसका शिकार बनने लगे हैं और कुछ सरकारें शराब पीने वाले युवाओं की उम्र घटा रही हैं। हालांकि कुछ राज्यों ने शराब, गुटका आदि जैसी नशीली चीजों पर पाबंदी लगाई है, जो सच में एक अच्छी पहल है, लेकिन पूरे देश को इस बीमारी से मुक्त करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
’गौरी सिंह, फरीदाबाद, हरियाणा

Next Stories
1 ताक पर अवसर
2 हाशिये से बाहर
3 शिक्षा की पहुंच
यह पढ़ा क्या?
X