ताज़ा खबर
 

मदद के बावजूद

देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन ओर इससे जुड़े उपकरणों के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन छतीसगढ़, झारखंड और तमिलनाडु जैसे राज्यों का कहना है कि उन्हें विदेश से आई मदद के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं मिला है।

नई दिल्ली | May 8, 2021 2:41 AM
कोरोना से मचा यूपी में हाहाकार, अस्पताल में नहीं मिल रहा इलाज (फोटोः एजेंसी)

भारत में कोरोना की दूसरी लहर के कहर को देखते हुए दुनिया भर से मदद आ रही है। इसमे ऑक्सीजन कंस्ट्रेंटर्स, रेमडेसिविर और जीवनरक्षक दवाइयां लगातार भारत पहुंच रही हैं। इसके बावजूद भी केंद्र सरकार को स्टंडेर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर बनाने में सात दिन लग गए। तब तक सारा सामान हवाई अड्डों ओर गोदामों में पड़ा रहा। यह चिकित्सीय मदद जरूरत वाले राज्यों में पहुंच जाती तो कई मरीजों की जान बचाई जा सकती थी। कायदे से मदद पहले दिन ही राज्यों को पहुंच जानी चाहिए थी। देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन ओर इससे जुड़े उपकरणों के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन छतीसगढ़, झारखंड और तमिलनाडु जैसे राज्यों का कहना है कि उन्हें विदेश से आई मदद के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं मिला है। मदद के कई सामग्रियां अब तक नौकरशाही के चक्र उलझी हुई हैं। ऐसे में समय पर मदद न मिलने पर स्थिति और भी नाजुक हो जाएगी।
’संजू तैनाण, हनुमानगढ़, राजस्थान

बंदी और जरूरतें
कोरोना की भयावहता को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने पूर्णबंदी लगाने का फैसला लिया है। आम जन की जिम्मेवारी है कि इसका पालन करें। हालांकि पूर्णबंदी कोरोना को खत्म करने के लिए काफी नहीं है, लेकिन इसके अलावा दूसरा उपाय फिलहाल सरकार के पास है भी नहीं। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति ठीक नहीं है। दूसरी ओर सच यह भी है कि पूर्णबंदी में गरीब मजदूरों की कमाई बंद हो जाती है, जिससे उनको काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार ऊंट के मुंह में जीरा जैसी मदद करती है, लेकिन यह काफी नहीं है। नौकरी करने वालों को इस मुश्किल हालात में वेतन भुगतान नहीं करना उन पर जुल्म है। सरकार पूर्णबंदी लगाए, लेकिन समय पर वेतन भुगतान करे, इस अवधि में बिजली बिल माफ करे और साथ ही गरीब तबकों की रोजी-रोटी का भी इंतजाम करे। कर्ज की किश्तें माफ हों और स्थिति सामान्य होने तक किश्त अदा करने की बाध्यता खत्म हो तो पूर्णबंदी से कोई दिक्कत नहीं है।
’जफर अहमद, मधेपुरा, बिहार

अगली लहर
यह स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच एक विरोधाभास है कि वायरस की तीसरी लहर आएगी या नहीं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार अगर हम बेहद जरूरी चिकित्सा उपकरणों की समुचित व्यवस्था कर लेंगे और कोविड नियमों आदि सावधानियां रखेंगे तो तीसरी लहर के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार तीसरी लहर अवश्य आएगी। ऐसे में उम्मीद बस टीकाकरण पर निर्भर है। तभी हम तीसरी लहर को नियंत्रित कर सकते हैं।
’नरेंद्र कुमार शर्मा, जोगिंदर नगर, हिप्र

Next Stories
1 पक्षियों का जीवन
2 धुएं में सेहत
3 परिपक्व मतदाता
ये पढ़ा क्या?
X