चीन की धूर्तता

चीन से पिछले साल भारत का समझौता हुआ था कि हम अपनी-अपनी हद में रहेंगे और सीमा पर सैनिकों का जमाव नहीं करेंगे, मगर अब देखिए चीन की कारस्तानी। लद्दाख और उत्तराखंड की सीमा से लगे इलाकों पर चीन की हरकत अशोभनीय है।

S Jaishankar, Wang Yi
भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच SCO समिट से इतर हुई थी बैठक। (फोटो- Reuters)

भारत से हमेशा झूठे समझौते करने वाला चीन भी एक तरह से पाकिस्तान की तरह है। चीन से पिछले साल भारत का समझौता हुआ था कि हम अपनी-अपनी हद में रहेंगे और सीमा पर सैनिकों का जमाव नहीं करेंगे, मगर अब देखिए चीन की कारस्तानी। लद्दाख और उत्तराखंड की सीमा से लगे इलाकों पर चीन की हरकत अशोभनीय है। आज लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन ने पचास हजार से भी ज्यादा सैनिक तैनात कर दिए हैं। उसकी यह हरकत एक बार फिर तनाव बढ़ाने वाली है।

पिछले साल गलवान घाटी में भी यही सब कुछ हुआ था, तब भी चीन जबरन आकर भारत से भिड़ा था। अब भारत को भी अपनी इन सीमाओं पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी होगी। पर सवाल है कि जब पूर्वी लद्दाख के गतिरोध को खत्म करने के लिए भारत चीन के बीच वार्ताएं जारी हैं, तो ऐसे नाजुक समय में चीन इस तरह की उकसावे की हरकत क्यों कर रहा है, अगर उसे भारत के प्रति किसी तरह का कोई मुगालता है, तो उसे अब यह भी समझ लेना चाहिए कि आज भारत 1962 वाला हिंदुस्तान नहीं रह गया है।

उसे अपने दुश्मन को सख्त से सख्त तरीके से जवाब देना आता है और चीन अगर भारत से टकराएगा तो मुंह की ही खाएगा।
’मनमोहन राजावत ‘राज’, शाजापुर

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