लापरवाही खतरनाक

त्योहारों के दौरान भी कोरोनोचित व्यवहार का पूरी तरह पालन करते हुए उत्सव मनाया जाना चाहिए, ताकि सभी स्वस्थ्य, सुखी, आनंदित और प्रसन्नता के साथ त्योहार मना सकें। त्योहारों के अतिउत्साह में लापरवाही बरतने पर इसका खमियाजा हमें भुगतना पड़ सकता है।

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कोलकाता के एक अस्पताल में वैक्सीन का इंतजार करते लोग। फोटो- पीटीआई

गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ त्योहारों का उल्लास दिवाली तक रहेगा। इस बीच लोगों के बीच मेलजोल और घर आना-जाना लगा रहता है। कोविड-19 की परिस्थितियों के चलते लोगों में मास्क का प्रयोग और शारीरिक दूरी रखने के संबंध में सतर्कता भी बढ़ी है। यह एक अच्छा संकेत है। दुनिया के अन्य देशों की अपेक्षा अभी हमारे देश में कोरोना नियंत्रण में है। त्योहारों के दौरान भी कोरोनोचित व्यवहार का पूरी तरह पालन करते हुए उत्सव मनाया जाना चाहिए, ताकि सभी स्वस्थ्य, सुखी, आनंदित और प्रसन्नता के साथ त्योहार मना सकें। त्योहारों के अतिउत्साह में लापरवाही बरतने पर इसका खमियाजा हमें भुगतना पड़ सकता है।
’ललित महालकरी, इंदौर

आस्था से खिलवाड़
छठ पूजा हिंदुओं का प्रसिद्ध त्योहार है और भारत के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के आयोजन पर प्रतिबंध लगा कर पूर्वांचलियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। इसके बरक्स शराब के ठेके, शादियां, साप्ताहिक बाजार, सिनेमा हालों को कोविड प्रोटोकाल के तहत खोलने की इजाजत दी गई है। यह दिल्ली सरकार का दोहरा रवैया सरासर आस्था के साथ खिलवाड़ है। छठ पूजा के आयोजन पर ही पाबंदी क्यों, यह समझ से परे है।
’नरेंद्र राठी, मेरठ

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