ताज़ा खबर
 

दमन का दौर

जापान की पहल पर चीन की विस्तारवादी नीति के विरोध में ‘क्वाड’ का निर्माण किया गया था। ‘क्वाड’ में जापान के साथ भारत, अमेरिका और आस्ट्रेलिया है। अब पूरी दुनिया की निगाहें इस संगठन पर टिकी हुई हैं।

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद आम लोगों के प्रदर्शनों को रोकने के लिए खड़े पुलिसकर्मी। (फोटो- AP)

म्यांमा में सेना द्वारा तख्तापलट के बाद से ही आम जनता लोकतंत्र की बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है। सेना किसी भी कीमत पर अपने विरुद्ध उठने वाली हर आवाज को दबाना चाह रही है। राष्ट्रपति सहित कई नेता और आम जनता हिरासत में बंद है। समय के साथ सेना का दमन चक्र बढ़ता जा रहा है, लेकिन आम जनता और सैन्य शासन का विरोध करने वालों के हौसले पस्त नहीं हो पा रहे हैं।
भारत, अमेरिका सहित दुनिया के कई देश सेना की कार्रवाई की निंदा कर रहे है, लेकिन कोई उसे रोकने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। सभी जानते हैं कि इस पूरी घटना के पीछे चीन का हाथ है, लेकिन चीन की बढ़ती ताकत की वजह से कोई देश आगे नहीं आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र अब अप्रासंगिक हो चुका है। जापान की पहल पर चीन की विस्तारवादी नीति के विरोध में ‘क्वाड’ का निर्माण किया गया था। ‘क्वाड’ में जापान के साथ भारत, अमेरिका और आस्ट्रेलिया है।

अब पूरी दुनिया की निगाहें इस संगठन पर टिकी हुई हैं। इस संगठन को मानवता की रक्षा के लिए म्यांमा में लोकतंत्र की बहाली के लिए प्रयास करना चाहिए। भारत को इस दिशा में पहल करनी चाहिए, क्योंकि म्यांमा की अशांति से सबसे अधिक प्रभावित भारत ही होगा।
’हिमांशु शेखर, केसपा, गया

Next Stories
1 पानी की कीमत
2 चुनौतियों के सामने
3 चुनावी मौसम में उगे
ये पढ़ा क्या?
X