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चौपाल: खोखला वादा

छत्तीसगढ़ जैसा राज्य तीन रुपए यूनिट में चौबीस घंटे बिजली दे रहा है।

Author October 5, 2016 5:01 AM
उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव। (पीटीआई फाइल फोटो)

अप्रैल 2015 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री घोषणा करते आ रहे हैं कि अक्तूबर 2016 से प्रदेश के शहरों को चौबीस घंटे और गांवों को सोलह घंटे बिजली दी जाएगी। लेकिन एक और दो अक्तूबर को शहरी क्षेत्रों में केवल सोलह-अठारह घंटे और ग्रामीण अंचल में आठ-दस घंटे सप्लाई दी गई। लखनऊ के बिजली अधिकारी रोस्टरिंग अथवा स्थानीय लाइन का रख-रखाव जैसे कारण बताते हैं। भारत सरकार कहती है कि देश पॉवर-सरप्लस बन गया है। कई-कई हजार मेगावाट बिजली दो-सवा दो रुपए में हमेशा उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ जैसा राज्य तीन रुपए यूनिट में चौबीस घंटे बिजली दे रहा है। लेकिन उत्तर-प्रदेश में पूरे देश की सबसे महंगी बिजली होने के बावजूद सप्लाई सबसे कम और बिना भरोसे की है। पता नहीं, कब चली जाए और फिर कब आए। सपा सरकार की ‘गवरनेंस’ का एक सर्वाधिक निकृष्ट उदाहरण यहां की विद्युत अव्यवस्था है। नवरात्रों में इतना बुरा हाल!
’अजय मित्तल, मेरठ

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