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चौपाल: दिखने के बरक्स, परेशान बेईमान

दिल्ली के उपराज्यपाल रहे नजीब जंग त्याग पत्र कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है।

Author December 28, 2016 02:22 am
नजीब जंग और अरविंद केजरीवाल

दिखने के बरक्स
दिल्ली के उपराज्यपाल रहे नजीब जंग त्याग पत्र कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है। वे अकादमिक दुनिया के व्यक्ति हैं और कोई राज्याश्रय उन्हें अधिक देर तक बांध कर इस्तेमाल कर सकता था। एक बार पद्मा सचदेव को पुरस्कृत किया जा रहा था तो उस दौरान उनके चेहरे पर मनोभाव वैसे नहीं प्रतीत हो रहे थे, जैसा मैं अपने भीतर बना बैठा था। तभी मुझे लगा था कि शायद वे सत्ता की प्रवृत्ति और मानसिकता के अध्ययन के लिए अपनी प्रयोगशाला में हैं और उसके पूरा होते ही बाहर आ जाएंगे। अब संभव है कि उनके इस ‘शोध काल’ पर कोई किताब आए। लेकिन मेरा विश्वास है कि वे अपने गहन और सूक्ष्म अनुभव को व्यक्त करते हुए उसे पारदर्शी बनाएंगे।
’अशोक गुप्ता, इंदिरापुरम, गाजियाबाद
परेशान बेईमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ नामक अपने रेडियो कार्यक्रम में कहा कि नोटबंदी के बाद उनका अगला निशाना बेनामी संपत्ति रखने वाले लोग हैं। असल में सरकार अगस्त 2016 में ही बेनामी सौदा निषेध कानून पास कर चुकी है, जो एक नवम्बर से लागू भी हो चुका है। सरकार अब इस तरह खरीदी हुई बेनामी संपत्ति को जब्त कर सकती है। अब अपने काले धन से दूसरे के नाम प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों का बचना संभव नहीं होगा। यह फैसला आम जनता के हित में लिया गया फैसला साबित होगा। देश की ईमानदार जनता इस फैसले से खुश है, जबकि बेईमान इससे बचने के रास्ते खोज रहे हैं।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद

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