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उम्मीद के उलट

देश के छात्र एक गहरे संकट के दौर से गुजर रहे हैं।

amartya sen, arun shourie, note ban, demonetisation, narendra modi, 500 note ban, indian economy, black money, amartya sen modi govt, business newsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

देश के छात्र एक गहरे संकट के दौर से गुजर रहे हैं। दुखद है कि युवाओं के मतों से चुन कर आई मोदी सरकार अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लेने के बाद भी उनके लिए कुछ ठोस करती नजर नहीं आ रही है। कुछ न करने के अलावा आए दिन ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो छात्रों की उम्मीदें तोड़ने के लिए काफी हैं। ताजा मामला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के मुताबिक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के उपकुलपति द्वारा सौ फीसद वायवा लागू कराने का प्रस्ताव पास कर उस पर अमल की बेचैनी से जुड़ा है।
इस व्यवस्था में प्रोफेसर प्रभावी होंगे और छात्र की योग्यता को एक ओर रख कर व्यक्तिगत अनुराग या द्वेष के आधार पर चयन होगा। इससे न केवल गांव-देहात से आने वाले छात्र हतोत्साहित होंगे बल्कि कुलीनतंत्र जबर्दस्त रूप से हावी होगा।
’अंकित दूबे, जनेवि, नई दिल्ली

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