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शिक्षा की उपेक्षा

देश भर में अधिकांश राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

Author January 12, 2017 4:24 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश भर में अधिकांश राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। तमाम विद्यालयों से पेयजल, पुस्तकालय, शौचालय, खेल बजट, विद्युत व्यवस्था, शिक्षण-अधिगम, ड्यूल डेस्क आदि नदारद हैं। शैक्षणिक संसाधनों के बिना बहुआयामी विकास की कल्पना व्यर्थ है। कक्षा पांच तक नौनिहाल सामान्य जोड़-घटा और ककहरा से भी नावाकिफ हैं। गिरते शैक्षिक मूल्यों के लिए अध्यापकों की अपर्याप्त संख्या भी उत्तरदायी है। गैर-शैक्षणिक कार्यों से भी पठन-पाठन बाधित होता है। अनुभवजन्य ज्ञान, नवाचारी पद्धतियां, शिक्षण कौशल, मूल्यांकन प्रविधियां बालकेंद्रित शिक्षण की धुरी हैं। शिक्षार्थियों के भीतर छुपी प्रतिभा के उन्नयन के लिए सकारात्मक सुधारों की कवायद बेहद जरूरी है।
’नीरज मानिकटाहला, यमुनानगर, हरियाणा

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