ताज़ा खबर
 

हम भ्रष्टन के

भ्रष्टाचारियों से अखिलेश का लगाव और ईमानदारों के प्रति दुराव भी बहुत साफ है। यादव सिंह जैसे परम भ्रष्ट के खिलाफ सीबीआई जांच रुकवाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट तक गए।

Author January 12, 2017 4:22 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। (PTI Photo by Nand Kumar)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी स्वच्छ छवि बनाने के लिए डीपी यादव, मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद का विरोध किया था पर उनके मंत्रिमंडल में शामिल 26 मंत्रियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, जिनमें से नौ पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इन्हें साथ रखने में उन्हें दिक्कत नहीं। उनके चहेते एक पार्टी प्रवक्ता रविदास मेहरोत्रा (लखनऊ सेंट्रल से विधायक), जिन पर 17 आपराधिक मुकदमे हैं, को न्यायालय ने अभी भगोड़ा घोषित किया। तब से वे टीवी चैनलों से भी लापता हैं। शाहजहांपुर के पत्रकार जागेंद्र सिंह को जलाकर मरवाने के आरोपी अपने मंत्री राम मूर्ति सिंह के विरुद्ध उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि जागेंद्र का मृत्यु-पूर्व बयान बिल्कुल स्पष्ट था।

भ्रष्टाचारियों से अखिलेश का लगाव और ईमानदारों के प्रति दुराव भी बहुत साफ है। यादव सिंह जैसे परम भ्रष्ट के खिलाफ सीबीआई जांच रुकवाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट तक गए। वहां मुंह की खाई। दूसरी ओर दुर्गाशक्ति नागपाल जैसी ईमानदार जिलाधिकारी को गौतमबुद्ध नगर में सपा-संरक्षित खनन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई के कारण निलंबित कर डाला। एक और ईमानदार आईएएस वीके आनंद का वे हर दूसरे-तीसरे महीने तबादला करते रहे। प्रदेश के लोकायुक्त ने मायावती के समय के जिन बारह मंत्रियों की जांच कर भ्रष्ट पाने के बाद कार्रवाई के लिए उन्हें फाइलें भेजी थीं, वे दबा दी गर्ईं। उन्होंने अपने एक दागी साथी अनिल यादव को प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया, जिसे हाईकोर्ट ने आदेश देकर हटाया। उच्च शिक्षा सेवा आयोग (एचईएससी) और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन परिषद (एसईएसएसबी) के दो-दो भ्रष्ट प्रमुखों को भी उच्च न्यायालय द्वारा चलता किया गया। यूपी पीएससी के सचिव रिजवान उर-रहमान को भी इसी वजह हटाना पड़ा। बाहुबलियों और भ्रष्टों के परम निधान अब मेक-ओवर की हास्यास्पद चेष्टा में लगे हैं!
’अजय मित्तल, मेरठ

समाजवादी पार्टी विवाद पर मुलायम सिंह यादव बोले- “मैं पार्टी को टूटने नहीं दूंगा”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App