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सफलता की उम्मीद

कुछ धनपतियों ने इस अल्प अवधि में भी अपने धन को पार लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया।

Author नई दिल्ली | November 17, 2016 2:51 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। PTI Photo/PIB

मोदी सरकार ने आठ नवंबर की शाम महज चार घंटे पूर्व नोटबंदी की घोषणा की ताकि कालेधन के कुबेरों को अपना धन सफेद करने का अवसर ही न मिल सके। लेकिन कुछ धनपतियों ने इस अल्प अवधि में भी अपने धन को पार लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया। नोटों पर प्रतिबंध की सूचना मिलते ही लोग सबसे पहले सोना खरीदने के लिए भागे। सुनारों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए पचपन हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक सोना बेचा। इतना ही नहीं, अपने कालेधन को सफेद करने के लिए रेल टिकट भी बुक कराने शुरू कर दिए लेकिन सरकार ने सूचना प्राप्त होते ही इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए काले धनपतियों के इस प्रयास को निरर्थक कर दिया।

दूसरी तरफ सौ रुपए के नोटों की कमी के कारण उनकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए बाजार में खुलेआम पांच सौ के नोट के बदले 400 या 300 रुपए मिल रहे हैं। ठीक इसी प्रकार की परेशानी विदेशी पर्यटकों को भी सहनी पड़ रही है। इतना ही नहीं, बड़े कारोबारियों ने तो दस लाख के बड़े नोटों को सत्तर हजार रुपए में बदल लिया। लेकिन अब जैसे-जैसे इस प्रकार की सूचनाए मिल रही हैं, सरकार इन्हें रोकने के लिए कदम उठा रही है। इससे उम्मीद की जा सकती है कि कालेधन को बाहर लाने के अपने प्रयास में सरकार शीघ्र ही सफल होगी।
’मृणालिनी शर्मा, कानपुर

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