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स्त्री के विरुद्ध

समाज के इज्जतदार और महिलाओं का सम्मान करने का दावा करने वाले पति भी घरों में अपनी पत्नियों को पीट रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीरप्रतीकात्मक तस्वीर

अगर दीवारों के सच में कान होते हैं तो गांवों की माटी की दीवारों से लेकर शहरों की सीमेंट से बनी दीवारें भी महिलाओं की चीखें सुनती होंगी! देसी शराब के नशे में धुत आवारा पति से लेकर समाज के इज्जतदार और महिलाओं का सम्मान करने का दावा करने वाले पति भी घरों में अपनी पत्नियों को पीट रहे हैं। पहले घरेलू हिंसा पर चर्चा हुआ करती थी तो लोग कहते थे कि जब महिलाएं शिक्षित और जागरूक हो जाएंगी तो उनकी आवाज बुलंद होगी और ये सब अत्याचार खत्म हो जाएंगे। लेकिन हमने तो शिक्षित और जागरूक महिलाओं को भी चुप रहना सिखा दिया! खैर, उन्हें जन्म लेने दिया यही बड़ी बात है! उसके बाद पढ़ने दिया, यह तो गजब हो गया और अगर शादी के बाद नौकरी करने दी तो हमसे ज्यादा प्रगतिशील कोई है ही नहीं! अब तो जिंदगी भर उन्हें हमारे एहसान तले ही जीना होगा! चाहे दोनों साथ में आॅफिस जाएं लेकिन सुबह जल्दी उठकर नाश्ता बनाना पत्नी का धर्म है और जब शाम को थक कर आएं तो आप सोफे पर फैलेंगे और वह आपके लिए फिर खाना बनाने में जुट जाएगी। और हां, अगर आपको भूख तेज लग रही होगी तो आप उस पर चिल्ला सकते हैं और जरूरत पड़ने पर हाथ भी चला सकते हैं!

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