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रुतबे की आफत

ट्रैफिक में बर्बाद होता र्इंधन शहर के अंदर सड़क दुर्घटनाएं लोगों को स्वास्थ्य लाभ, धन की बचत और न जाने कितने लाभ साइकिल पथ बनाने से हो सकते हैं।

Author December 15, 2016 00:49 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

हमलोग जिस प्रकार स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बाहरी देशों का अनुसरण कर रहे हैं तो हमें यह भी सीखने की आवश्यकता है कि स्मार्ट सिटी में एक साइकिल पथ का भी निर्माण किया जाए। हमारे देश की राजधानी में प्रदूषण का खतरा दिखा है, वह चिंताजनक है। ट्रैफिक में बर्बाद होता र्इंधन शहर के अंदर सड़क दुर्घटनाएं लोगों को स्वास्थ्य लाभ, धन की बचत और न जाने कितने लाभ साइकिल पथ बनाने से हो सकते हैं। कोई भी व्यक्ति एक दिन में दस से पंद्रह किलोमीटर साइकिल चला सकता है। लेकिन वह सिर्फ अपने सामाजिक स्तर को ऊंचा प्रदर्शित करने के लिए मोटरसाइकिल का प्रयोग करता है। कुछ समृद्ध परिवार अपने बच्चों को बिना जरूरत के भी मोटरसाइकिल दे देते हैं, ताकि उनका रुतबा ऊंचा दिखे। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।

क्या यह हास्यास्पद नहीं है कि एक ओर हम सांस नहीं ले पा रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट को प्रदूषण कम करने के लिए आदेश देना पड़ रहा है और हमारे प्रधानमंत्री कैशलेस की बात कर रहे है! हमारी सांसें होंगी तभी क्रेडिट या डेबिट कार्ड का प्रयोग करेंगे। पहले हमें स्वच्छ वायु मिले, फिर कैशलेस के बारे में सोचा जाएगा। जनता का ध्यान इधर-उधर भटकाने की कोशिश नहीं की जाए।
’पुरुषोत्तम पांडेय, बीएचयू, वाराणसी

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