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चौपालः जांच जरूरी

कई लोगों के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार से यह अपील की कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इनकार कर दिया। अब बिहार सरकार ने सीबीआइ से जांच की सिफारिश कर दी है।

अब बिहार सरकार ने सीबीआइ से जांच की सिफारिश कर दी है।

‘मौके की राजनीति’ (संपादकीय, 5 अगस्त) पढ़ा। सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर राजनीति और बेमानी प्रतिक्रियाओं का अच्छा विश्लेषण किया गया है। इस घटना ने बहुत सारे लोगों को हिला कर रख दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सुशांत ने आत्महत्या की, लेकिन कई लोग इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं और इसीलिए वे इस आत्महत्या के पीछे का कारण जानना चाहते हैं।

शुरुआत में लोग बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद को सबसे बड़ा कारण मान रहे थे, लेकिन जब से सुशांत के पिता ने उनकी महिला मित्र रहीं एक अभिनेत्री और उनके परिवार के खिलाफ पटना में एफआइआर दर्ज करवाई, तब से इस मामले में जांच को लेकर मानो जैसे युद्ध छिड़ गया हो। मामले की जांच करने तक को लेकर विवाद छिड़ गया। लेकिन लोगों का मानना है कि मामले की सीबीआइ से जांच होनी चाहिए। अफसोस है कि उनकी मौत की जांच होने की बजाय उस पर सियासत और बहस हो रही है।

कई लोगों के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार से यह अपील की कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इनकार कर दिया। अब बिहार सरकार ने सीबीआइ से जांच की सिफारिश कर दी है। कुल मिला कर इतने उच्चस्तरीय मामले की पुख्ता और तरीके से जांच होने की बजाय इस मामले को अपनी राजनीति चमकाने का मौका बनाया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले की बारीकी और हर कोण से जांच होनी चाहिए, ताकि बाद में किसी को कोई संदेह न रहे। इस मामले में बहुत सारे किरदार ऐसे भी हैं, जिन्हें बहुत कुछ पता होगा, लेकिन वे सामने आने से डर रहे हैं। उम्मीद है कि आगे की जांच ईमानदारी से होगी और मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
’गौरव कुमार, पटना

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