ताज़ा खबर
 

चौपालः बेलगाम महंगाई

रोज कमा कर खाने वाले गरीब, दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूर, किसान, स्वरोजगार करने वाले लोग, मध्यम वर्ग के लोगों की नौकरी जाना और युवाओं को रोजगार न मिलना आदि ऐसे मुद्दे है जिसका हल सरकार को जल्दी से जल्दी ढूंढ़ना होगा।

आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है।

‘महंगाई की दर’ (संपादकीय, 27 अगस्त) पढ़ा। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। कोविड-19 की वजह से खाद्य व विनिर्मित उत्पादों की आपूर्ति शृंखला बाधित होने की वजह से आगामी महीनों में मुद्रास्फीति और बढ़ सकती है। वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का भी मुद्रास्फीति पर असर पड़ेगा। हाल ही में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी (सीएमआईई) ने अपने रिपोर्ट में कहा था कि अप्रैल से अब तक दो करोड़ लोगों की नौकरियां गई हैं और केवल जुलाई के महीने में ही पचास लाख वेतनभोगी वर्गों की नौकरियां गई हैं। यही नहीं, आने में महीनों में इतनी ही या इससे ज्यादा लोगों की नौकरियां जाने की संभावना है। पूर्णबंदी की वजह से लोगों की आमदनी या तो कम हो गई है या खत्म हो गई है।

ऐसे में आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट डराने और परेशान करने वाली है। अपने रिपोर्ट में आरबीआई ने यह भी कहा कि मांग को पटरी पर आने में लंबा समय लगेगा और इसका कोविड-19 के पहले स्तर पर पहुंचना सरकारी खपत पर निर्भर करेगा। अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने बीस लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज दिया था, लेकिन क्या इस पैकेज का फायदा जमीनी स्तर पर हुआ? लगता तो नहीं है। फिर क्या यह राशि कुछ सबसे ऊपर के उद्योगपतियों की मदद के काम आया?

रोज कमा कर खाने वाले गरीब, दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूर, किसान, स्वरोजगार करने वाले लोग, मध्यम वर्ग के लोगों की नौकरी जाना और युवाओं को रोजगार न मिलना आदि ऐसे मुद्दे है जिसका हल सरकार को जल्दी से जल्दी ढूंढ़ना होगा। लेकिन सरकारी आंकड़े आने के बावजूद सरकार हरकत में नजर नहीं आ रही जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सवाल है कि यह स्थिति आने वाले दिनों में देश की कैसी तस्वीर रचेगी?

’गौरव कुमार, गया, बिहार

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
यह पढ़ा क्या?
X