ताज़ा खबर
 

अधूरी आजादी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक हमारे देश के गांव खुशहाल और सामाजिक-आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगे तब तक हमारी आजादी अधूरी रहेगी। 15 अगस्त 2015 को हमें आजादी मिले पूरे 68 साल हो जाएंगे लेकिन कड़वी हकीकत है कि गांवों को गरीबी, बदहाली, बेरोजगारी, अशिक्षा आदि समस्याओं से पूरी तरह […]

Author August 14, 2015 8:48 AM

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक हमारे देश के गांव खुशहाल और सामाजिक-आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगे तब तक हमारी आजादी अधूरी रहेगी। 15 अगस्त 2015 को हमें आजादी मिले पूरे 68 साल हो जाएंगे लेकिन कड़वी हकीकत है कि गांवों को गरीबी, बदहाली, बेरोजगारी, अशिक्षा आदि समस्याओं से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल पाई है। फिर ऐसी आजादी का क्या मतलब?

भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 1951 में जहां देश में 47 फीसद गरीब थे वहीं 2011 में 31 फीसद। गांवों में आज भी हर तीसरा व्यक्ति निरक्षर है, हर तीन में से दो घरों में मोबाइल फोन तो है लेकिन शौचालय नहीं है। गांवों में दस में से नौ परिवारों का एक भी व्यक्ति नौकरीपेशा नहीं है। महज 4.58 फीसद परिवार ऐसे हैं जो आयकर देते हैं।

शिक्षा के लिए हर साल बजट में प्रावधान किया जाता है मगर अब भी बीस फीसद स्कूलों में शौचालय नहीं हैं जिसके कारण लड़कियां स्कूल नहीं जातीं। शौचालय न होने की वजह से बलात्कार की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। आज भी गांवों में सिर्फ तीन फीसद लोग स्नातक हैं। अगर कृषि क्षेत्र की बात करें तो हालत यह है कि किसान गरीबी और कर्ज के जाल में फंस कर आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। आखिर ऐसी आजादी किस काम की जब हमारा अन्नदाता कहा जाने वाला किसान अपनी जान गंवाने पर मजबूर हो रहा है!

आजादी के बाद 68 सालों में करीब 54 वर्ष तक कांग्रेस की सरकार रही है जबकि 14 वर्ष गैर कांग्रेसी दलों ने शासन चलाया है। लिहाजा, सवाल उन कांग्रेसी-गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों, तमाम नेताओें, मंत्रियों से पूछा जाना चाहिए जो वोट लेकर सत्ता में तो बने रहे, चुनावों से पहले तरह-तरह के वादे करते रहे, गांवों को गरीबी से मुक्त कराने की कसमें खाते रहे, लेकिन गरीबी कितनी कम हुई? या कितना विकास हुआ? शहरों को और ‘स्मार्ट’ तो बना रहे हो लेकिन गांवों के लिए क्या?

अमन तिवारी, इलाहाबाद

 

फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/Jansatta

ट्विटर पेज पर फॉलो करने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/Jansatta

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X