ताज़ा खबर
 

चौपालः उपलब्धि का खेल

इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित अठारहवें एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इन खेलों के इतिहास में देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है।

Author September 5, 2018 2:00 AM
भारतीय टीम अगर अपनी इस शानदार लय को 2020 के टोक्यो ओलंपिक तक बनाए रखने में सफल रहती है तो फिर निश्चित तौर पर वहां भी पदकों की बारिश की उम्मीद की जा सकती है।

इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित अठारहवें एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इन खेलों के इतिहास में देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है। 1951 के प्रथम एशियाई खेलों के बाद यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने स्वर्ण पदकों के मामले में 67 साल पुराने अपने रिकार्ड की बराबरी कर ली है। इससे 67 साल पहले दिल्ली में आयोजित पहले एशियाई खेलों में भारत ने 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 41 पदक हासिल किए थे। जकार्ता में भारत के उभरते युवा सितारों ने जमकर अपना जलवा बिखेरा। नीरज चोपड़ा़, तेजिंदर सिंह पाल, जिन्सन जानसन, मंजीत सिंह, स्वप्ना बर्मन, अरपिंदर सिंह, हिमा दास, दुती चंद सरीखे उदीयमान सितारों की बदौलत एथलेटिक्स में भारत कुल 19 पदकों पर कब्जा जमाने में सफल रहा, जिनमें 7 स्वर्ण, 10 रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इंचियोंग में 2014 में आयोजित 17वें एशियाई खेलों में एथलेटिक्स से 13 पदक आए थे जिनमें दो स्वर्ण पदक शामिल थे। एशियाई खेलों में पहली बार शामिल ब्रिज खेल में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। ब्रिज में भारत ने 1 स्वर्ण एवं 2 कांस्य सहित 3 पदकों पर अपना कब्जा जमाया।

एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, बैडमिंटन सरीखे खेलों में जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं हॉकी, कबड्डी और तीरंदाजी जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। भारतीय हॉकी टीम के शानदार फार्म को देखकर लग रहा था कि भारत पुरुषों एवं महिलाओं की हॉकी स्पर्धा का स्वर्ण पदक आसानी से जीत जाएगा, लेकिन लीग मैच में अपराजेय भारतीय पुरुष हॉकी टीम का शानदार सफर सेमीफाइनल में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। सेमीफाइनल में शूटआउट तक चले मुकाबले में भारत को मलेशिया के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। उधर महिलाओं की टीम फाइनल में जापान के हाथों 2-1 से हार गई।

कबड्डी में 28 साल से चली आ रही भारतीय टीम की बादशाहत को ईरान ने समाप्त कर दिया। 28 सालों में पहली बार भारतीय टीम को बगैर कबड्डी स्वर्ण के वापस आना पड़ा। कबड्डी में पुरुषों की टीम को सेमीफाइनल में ईरान से हार कर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा़, वहीं महिलाओं की टीम फाइनल में ईरान से हार कर रजत पदक जीतने में सफल रही। तीरदांजी में पुरुषों एवं महिलाओं की टीम को फाइनल में कोरिया की टीम से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि 18वें एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम अगर अपनी इस शानदार लय को 2020 के टोक्यो ओलंपिक तक बनाए रखने में सफल रहती है तो फिर निश्चित तौर पर वहां भी पदकों की बारिश की उम्मीद की जा सकती है।

कुंदन कुमार क्रांति, बीएचयू, वाराणसी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App