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चौपाल : उम्मीद का बजट

इसमें कोई शक नहीं कि वैश्विक महामारी से दुनिया की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है। भारत में धंधा-व्यापार बंद रहने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस सबके बीच आगामी बजट पेश होने जा रहा है।

Updated: January 29, 2021 11:45 AM
सांकेतिक फोटो।

वित्तमंत्री पर देश की आम जनता की उम्मीदें टिकी हैं। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने आंदोलन छेड़ रखा है। आम जनता का ध्यान रख कर सरकार को बजट में राहत देना चाहिए। मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का भरोसा दिलाया था। 2022 तक आय बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए आगामी बजट में निवेश बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल छह हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इस वर्ष इसे तीन गुना बढ़ाया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को फसलों का सही दाम मिले, इसके लिए सरकार को हमेशा सहयोग करने का प्रावधान करना होगा। आगामी बजट में निवेश के रास्ते और मजबूत किए जाते हैं तो किसानों की आय बढ़ सकती है।

किसानों को मेहनत और उपज का सही दाम मिलना चाहिए। उपज बढ़ाने के लिए किसानों को कर्ज की राशि भी बढ़ानी होगी। आवश्यक वस्तुओं के दायरे में अनाज, दलहन, तिलहन, आलू प्याज को बाहर करने के फैसले का दूरगामी प्रतिकूल असर पड़ेगा। यही वजह है कि देश की जनता भावी बजट से कई तरह की उम्मीदें लगा रही है।
’कांतिलाल मांडोत, सूरत, गुजरात

नया दौर

नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्रंप प्रशासन के एच 1 बी वीजाधारकों को अमेरिका में प्रवेश न देने के फैसले को पलटते हुए एक साहसिक कार्य किया है। यह एक लोकतांत्रिक फैसला है, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिका और बाइडेन की सकारात्मक छवि को फिर से निर्मित करने का कार्य करेगा। भारत के बाहर काम करने वाले काबिल युवाओं की अमेरिका में काम करना पहली पसंद रहा है।

ऐसे में एच 1 और एच 4 वीजा पर ट्रंप प्रशासन की रोक का वहां पर जाने वाले और वर्षों से रह रहे भारतीयों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला था। इन प्रवासी भारतीयों का देश की अर्थव्यवस्था में व्यापक स्थान रहता है, जिसके चलते राष्ट्रपति बाइडेन का यह फैसला एक साहसिक कदम और विश्व को सकारात्मकता का संदेश देने की पहल है।

इस फैसले से निश्चय ही लाखों भारतीयों और अन्य देशों को लाभ होगा और भारत-अमेरिकी संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
’कुंवर प्रतीक सिंह, मेरठ, उप्र

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